झारखंड में सोना उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी, 12 से बढ़कर 28 किलोग्राम से अधिक हुआ उत्पादन

रांची : रांची में झारखंड के खनिज संसाधनों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. राज्य में सोना उत्पादन लगभग...

रांची : रांची में झारखंड के खनिज संसाधनों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. राज्य में सोना उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है. वर्ष 2021-22 में जहां सोना का उत्पादन 12 किलोग्राम था, वहीं अब यह बढ़कर 28 किलोग्राम से अधिक हो गया है. इससे राज्य के खनन क्षेत्र में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं.

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कोयला भंडार और उत्पादन भी मजबूत
झारखंड में कोयला उत्पादन का मूल्य करीब 57,963 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसमें प्रति खदान औसतन 1,525 करोड़ रुपये का उत्पादन दर्ज किया गया है. राज्य में फिलहाल लगभग 91,812 मिलियन टन कोयला भंडार मौजूद है. झरिया में 19,830 मिट्रिक टन, उत्तरी कर्णपुरा में 21,194 मिट्रिक टन और राजमहल में 20,837 मिट्रिक टन कोयले का भंडार तीन सबसे बड़े क्षेत्रों में शामिल हैं.

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ग्रेफाइट उत्पादन में भी भारी उछाल
राज्य में ग्रेफाइट के उत्पादन में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है. पहले जहां इसका उत्पादन करीब 54 टन था, वहीं अब बढ़कर 20,756 टन तक पहुंच गया है. इसके साथ ही भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अन्वेषण में कई जिलों में दुर्लभ पृथ्वी तत्वों, लिथियम और अन्य आधार धातुओं की पहचान भी की गई है. गिरिडीह जिले में लगभग 1.61 प्रतिशत लिथियम होने का अनुमान लगाया गया है.

फैक्ट फाइल
• जिला खनिज फाउंडेशन में अब तक 16,252 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं.
• इनमें से 9,328 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है, जो लगभग 69.3 प्रतिशत उपयोग दर है.
• धनबाद में 3,851 करोड़ रुपये और पश्चिम सिंहभूम में 3,574 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है.

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ड्रोन के जरिए हवाई बीज बोने की नई पहल
कोल्हान डिवीजन यानी जमशेदपुर और सरायकेला क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से हवाई बीज बोने की व्यवस्था शुरू की गई है. 6 से 10 किलोग्राम सामग्री ले जाने वाले ड्रोन एक उड़ान में लगभग 1,000 बीज गेंदों को बिखेर सकते हैं. कोल्हान क्षेत्र में इस तकनीक से 60 से 80 प्रतिशत तक अंकुरण दर देखने को मिली है. यह पारंपरिक मैनुअल रोपण की तुलना में करीब 10 गुना अधिक प्रभावी साबित हो रही है.

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