राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों पर छह महीने में हुई कारवाई, 38 अधिकारियों पर गिरी गाज, कुछ को सस्पेंशन तो कई को क्लीन चिट

Ranchi : झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों पर 2026 के छह महीने ( जनवरी से जून ) भारी पड़ गए. इस...

Ranchi :  झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों पर 2026 के छह महीने ( जनवरी से जून ) भारी पड़ गए. इस अवधि के दौरान जहां कुल 17 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही  का आदेश जारी किया गया और कुछ को दंड दिया गया. वहीं दूसरी ओर जांच के बाद निर्दोष पाए गए 5 अधिकारियों को क्लीन चिट भी मिला. इस दौरान आरोपों के रडार में 36 राज्य सेवा के अफसर आयें

 विभागीय जांच से मिली बड़ी राहत, ये अफसर हुए आरोप मुक्त

अनिल कुमार सिंह : इन्हें निलंबन से पूरी तरह मुक्त करते हुए सभी प्रकार के आरोपों से बरी किया गया.
जयदीप तिग्गा, जयवर्द्धन कुमार और प्रदीप कुमार : इन तीनों अधिकारियों को अलग अलग मामलों में सरकार ने पूर्णत आरोप मुक्त कर दिया है.
 जय कुमार राम : इनके खिलाफ चल रहे संबंधित आरोपों को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया.

प्रशासनिक रडार पर आएं अधिकारी : इन पर शुरू हुई विभागीय कार्यवाही

नया संकल्प : मतियस विजय टोप्पो के विरुद्ध पूर्व के एक संकल्प को निरस्त करते हुए नए सिरे से विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश जारी हुआ (इन्हें फरवरी में निलंबित भी किया गया था).
फरवरी 2026 में एक साथ कार्रवाई : 12 फरवरी को विभाग ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 8 अधिकारियों अशोक राम, सुबोध कुमार, खाखा सुशील कुमार, मो जफर हसनात,  बिनय कुमार, संजय कुमार सिंह, जागो महतो और अमृता प्रियंका एक्का के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की.
ये भी विभागीय कार्यवाही के दायरे में : इसके अलावा हरिश चन्द्र मुंडा, महावीर सिंह, राजीव कुमार मिश्रा, लियाकत अली, अनिल कुमार यादव, मेरी मड़की, तेज कुमार हस्सा और जीत राय मुर्मु के खिलाफ भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय जांच की कमान सौंप दी है.

निलंबन, दंड और चेतावनी

निलंबन :आशुतोष कुमार (चतुर्थ सीमित बैच) और शैलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
निंदन एवं चेतावनी : प्रभात कुमार के विरुद्ध पूर्व में अधिरोपित कड़े दंड निंदन को सरकार ने समीक्षा के बाद भी बरकरार रखने का आदेश जारी किया है. जो सेवा पुस्तिका में एक स्थाई चेतावनी के रूप में दर्ज रहेगा.
दंड अधिरोपण : सेवानिवृत्त अधिकारी प्रदीप कुमार प्रसाद के विरुद्ध जांच पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से दंड अधिरोपित किया गया है.

दंड विलोपन और फाइलें बंद (संचिकास्त)

दंड विलोपित ( दोष मिटाया गया ) : गोपीनंदन प्रसाद, मनमोहन प्रसाद और सेवानिवृत्त अफसर विष्णु कुमार के विरुद्ध पूर्व में दिए गए दंड को पूरी तरह से विलोपित (हटा) दिया गया.
फाइलें बंद : पवन कुमार मंडल के खिलाफ चल रहे मामले को बंद कर दिया गया. वहीं, सेवानिवृत्त अधिकारी मोहित मुक्ति मंजर के विरुद्ध गठित आरोप पत्र को झारखंड पेंशन नियमावली के नियम-43(ख) के तहत कालबाधित मानते हुए हमेशा के लिए संचिकास्त कर दिया गया. नीतु कुमारी से संबंधित एक आदेश को विलोपित करने का निर्णय भी मार्च माह में लिया गया.

फैक्ट फाइल( जनवरी से मई 2026 तक)

आरोप व निलंबन से मुक्त : 05 अफसर
विभागीय कार्यवाही : 17 अफसर
निलंबित : 02 अफसर
निंदन का दंड : 02
 दंड का विलोपन : 03
मामला बंद(संचिकास्त)  : 02
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