पहले बहन-फिर भाई की मिली लाश, मासूमों की मौत पर फूटा गुस्सा, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

Hazaribagh: जिले को झकझोर देने वाले दो मासूम भाई-बहनों की मौत ने पूरे हजारीबाग को गम और गुस्से में डुबो दिया है....

Hazaribagh: जिले को झकझोर देने वाले दो मासूम भाई-बहनों की मौत ने पूरे हजारीबाग को गम और गुस्से में डुबो दिया है. पहले 14 वर्षीय तमन्ना का शव कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर पंचायत भवन के समीप स्थित तालाबनुमा नाले से बरामद हुआ था. इसके कुछ ही घंटों बाद सोमवार दोपहर उसी क्षेत्र से उसके चार वर्षीय भाई का भी शव पास ही स्थित एक कुएं से मिलने की पुष्टि हुई. उसकी हत्या कर शव को कुएं में डाल दिया गया था. दोनों बच्चों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देने लगा है.

सवालों के घेरे में व्यवस्था

परिजनों के अनुसार दोनों बच्चे कई दिनों से लापता थे। परिवार का आरोप है कि बच्चों के गायब होने के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी और एक संदिग्ध व्यक्ति का नाम भी बताया था। इसके बावजूद शुरुआती दिनों में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब जब दोनों बच्चों के शव बरामद हो चुके हैं, तो स्थानीय लोग और परिजन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो शायद दोनों मासूमों की जान बचाई जा सकती थी.

हम गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी: पीड़ित

बच्ची के पिता, जो उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के मूल निवासी हैं और हजारीबाग में गुब्बारे व खिलौने बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने दर्द भरे शब्दों में कहा कि वे लगातार पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाते रहे. परिवार का आरोप है कि वे कई दिनों तक अलग-अलग थानों का चक्कर काटते रहे, लेकिन बच्चों की तलाश को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई. अब दोनों बच्चों की मौत के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा है.

एसपी ने बनाई SIT, कई स्तरों पर जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार और पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) ज्ञान रंजन के नेतृत्व में गठित टीम में कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, पुलिस निरीक्षक सपन कुमार महथा, चितरंजन कुमार, टेक्निकल सेल के अधिकारी तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है तथा दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.

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पिता ने एक युवक पर जताया शक

मृत बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि इन्द्रपुरी चौक स्थित एक टीवीएस शोरूम में कार्यरत संतोष पासवान नामक युवक उनकी बेटी को मोबाइल देने का प्रलोभन देता था. पिता ने आशंका जताई है कि घटना के पीछे उसी का हाथ हो सकता है. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है.

विशेष समुदाय में उबाल, सड़कों पर प्रदर्शन

दोनों बच्चों के शव मिलने के बाद संबंधित समुदाय के लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है. बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. कई स्थानों पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है. लोगों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

हजारीबाग पूछ रहा है-आखिर जिम्मेदार कौन?

इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बच्चों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद क्या पुलिस ने समय पर पर्याप्त कदम उठाए थे? क्या शुरुआती घंटों में अधिक सक्रियता दिखाई जाती तो स्थिति कुछ और होती? इन सवालों के जवाब अब SIT जांच और पुलिस अनुसंधान से ही सामने आएंगे. लेकिन फिलहाल हजारीबाग की फिजा में मातम है, दो मासूमों की मौत का दर्द है और न्याय की मांग को लेकर उबलता जनाक्रोश है.

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