Ranchi: रिम्स की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में आरोपी प्रमोद कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका (ABP) पर 10 जून को सुनवाई होगी. मामले को लेकर एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई. अदालत ने मामले में केस डायरी की मांग की. इसके लिए ACB ने समय मांगा. इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 जून की तारीख निर्धारित की.

यह भी पढ़ें: 30 दिन में शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई, मुजफ्फरपुर में बोले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
क्या है पूरा मामला?
रिम्स की जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री मामले में जमीन दलाल, बिल्डर, निबंधन व अंचल कार्यालय के अधिकारी, नक्शा पास करने वाले अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है. फर्जी वंशावली पर खरीद-बिक्री करने की पुष्टि के बाद झारखंड ACB ने जिन चार आरोपियों को जेल भेजा था, उनमें राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश कुमार झा व चेतन कुमार शामिल थे. बड़ाईक बंधुओं ने फर्जी वंशावली बनाई, चेतन कुमार ने पावर ऑफ अटॉर्नी लिया था और राजेश कुमार झा ने बिल्डर से उक्त जमीन की बिक्री कराई थी. मामले में एसीबी की जांच जारी है. मोरहाबादी मौजा की आठ व कोकर मौजा की 1.65 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हुआ था, जिसे प्रशासन ने मुक्त कराया था. अब ईडी सभी आरोपितों के बीच वित्तीय लेन-देन से संबंधित ब्यौरे की तलाश करेगी.
यह भी पढ़ें: हजारीबाग में ब्राउन शुगर का बढ़ता नेटवर्क, युवाओं का भविष्य खतरे में
मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने हटाया था अतिक्रमण
रिम्स की जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री का मामला उजागर होने के बाद झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया था. उक्त जमीन पर बने भवनों को तोड़ा गया था. निर्माणाधीन अपार्टमेंट ध्वस्त किए गए थे. इस मामले में फर्जीवाड़ा कर लोगों को घर व फ्लैट बेचने व उन्हें चूना लगाने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध जांच व कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया था.
