Hazaribagh: भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर 5 जून से 21 जून 2026 तक चलने वाले जनसंपर्क एवं जनजागरण कार्यक्रमों की तैयारी को लेकर सदर विधायक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई. मंडल संयोजक टोली के सदस्यों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यशाला में संगठन विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और योग दिवस जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला संगठन प्रभारी सह प्रदेश एससी मोर्चा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशुन दास ने कहा कि हज़ारीबाग के समर्पित कार्यकर्ताओं की बदौलत भाजपा जिला संगठन को झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अव्वल स्थान दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है.

उन्होंने कहा कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “मां के नाम एक पेड़” अभियान के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी, जो पूरे जून माह तक जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करेंगे और रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों की जानकारी देंगे. साथ ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा.
2 लाख पौधे लगाने का संकल्प
विशिष्ट अतिथि एवं सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा संकल्प लेते हुए कहा कि इस वर्ष क्षेत्र में करीब 2 लाख पौधे लगाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा. विधायक ने किसानों से पारंपरिक खेती पद्धति अपनाने और रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए मंडल स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति कर दी गई है.
कई नेताओं ने रखे विचार
कार्यशाला को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य केपी ओझा, अनिल मिश्रा, टुन्नू गोप, सुदेश चंद्रवंशी और दिनेश सिंह राठौड़ समेत कई नेताओं ने संबोधित किया. वक्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण और जनसंपर्क कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक सह जिला महामंत्री सर्वेश सिंह ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री जय नारायण प्रसाद ने किया. धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष कुणाल किशोर ने किया. बैठक में जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों एवं सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही.
