Ranchi: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने कहा कि सरकार की ओर से वार्ता का संदेश मिलने के बाद उन्होंने उसका स्वागत किया है. छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन कर दिया है और प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों के नाम एसडीपी के माध्यम से सरकार तक भेज दिए गए हैं.


वार्ता की तारीख और समय का इंतजार:
छात्रों ने बताया कि एसडीओ ने आश्वासन दिया था कि सरकार जल्द ही वार्ता की तारीख, समय और स्थान की जानकारी देगी. हालांकि देर रात तक सरकार की ओर से कोई सूचना नहीं मिली. छात्रों ने कहा कि वे सरकार से सकारात्मक बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जब तक सार्थक वार्ता नहीं होती, आंदोलन लगातार जारी रहेगा.

राहुल गांधी से ऑडियो कॉल पर हुई बातचीत:
छात्रों ने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से उनकी ऑडियो कॉल पर बातचीत हुई. उन्होंने राहुल गांधी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों की पीड़ा को सुना और आंदोलन को गंभीरता से लिया.

सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग:
छात्रों ने राहुल गांधी से मांग की कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराई जाए और विवादित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. छात्रों के अनुसार राहुल गांधी ने उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया और कहा कि वे छात्रों के मुद्दे पर सरकार से बातचीत करेंगे.
छात्र आंदोलन जन आंदोलन बन सकता है:
छात्रों ने कहा कि पिछले 13 दिनों से वे अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं. यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती है तो यह छात्र आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन का रूप ले सकता है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से जल्द हस्तक्षेप कर छात्रों की मांगों को पूरा कराने की अपील की.
सात अगस्त के मार्च से हमारा कोई संबंध नहीं:
छात्रों ने स्पष्ट किया कि सात अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च से उनका कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक है तथा उनका विधानसभा घेराव 10 अगस्त को प्रस्तावित है. किसी भी राजनीतिक दल के कार्यक्रम से उनका कोई लेना-देना नहीं है.
नेहा बोरा और राजनीतिक समर्थन पर कही यह बात:
नेहा बोरा के आंदोलन में शामिल होने के सवाल पर छात्रों ने कहा कि यदि कोई नैतिक समर्थन देने आता है तो उसका स्वागत है, लेकिन वह उनके आंदोलन का हिस्सा नहीं है. वहीं भाजपा के समर्थन पर छात्रों ने कहा कि उन्हें नैतिक समर्थन की बातें सुनने को मिली हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक सूचना या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है.

