Ranchi: रांची के कांके अंचल अंतर्गत नगड़ी मौजा में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना का निर्माण कार्य बुधवार से शुरू हो गया. निर्माण कार्य की शुरुआत के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न आदिवासी संगठनों का विरोध भी तेज हो गया है. आंदोलनरत लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है और उपायुक्त से हस्तक्षेप कर उनकी कृषि भूमि की रक्षा करने की मांग की है.

ग्रामीणों का कहना है कि जिस लगभग 227 एकड़ भूमि पर रिम्स-2 का निर्माण किया जा रहा है, वह वर्षों से खेती-किसानी और स्थानीय परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार रही है. उनका आरोप है कि उपजाऊ कृषि भूमि पर पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण कार्य शुरू कराया गया है, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण इस परियोजना का विरोध कर रहे है.
आंदोलनकारियों ने कहा…
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन को समाप्त करना उचित नहीं है. उनका मानना है कि सरकार को अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए किसी वैकल्पिक भूमि का चयन करना चाहिए.
स्थानीय लोगों ने किया विरोध
ग्रामीणों ने याद दिलाया कि वर्षों पहले इसी क्षेत्र में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) स्थापित करने की योजना बनी थी. उस समय भी स्थानीय लोगों ने खेती योग्य भूमि को बचाने के लिए विरोध किया था, जिसके बाद संस्थान को दूसरे स्थान पर स्थापित किया गया. अब करीब 18 वर्ष बाद फिर उसी भूमि पर रिम्स-2 निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों में नाराजगी है.
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भूमि को वर्ष 1957-58 में अधिग्रहित बताती है, लेकिन आज भी यह जमीन स्थानीय लोगों की खेती और रोजी-रोटी का प्रमुख साधन बनी हुई है. इसी कारण ग्रामीण और आदिवासी संगठन निर्माण कार्य के विरोध में एकजुट होकर खड़े है.
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