Newswave Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 100% टैरिफ लगाने की चेतावनी के बावजूद भारत ने जुलाई 2026 में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया है. भारत ने जुलाई में रूस से औसतन 28 लाख बैरल प्रतिदिन (2.8 मिलियन बैरल) तेल खरीदा, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. इससे साफ है कि भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता दी है.
रूस से रिकॉर्ड तेल आयात
जुलाई में भारत ने कुल 49.6 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया, जिसमें 55% से ज्यादा हिस्सा अकेले रूस का रहा. जून के मुकाबले जुलाई में रूस से तेल आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई. अमेरिका में भारत और चीन जैसे देशों पर रूस से तेल खरीदने को लेकर 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया था, लेकिन भारत ने अपनी रणनीति नहीं बदली और रूस से तेल खरीद जारी रखी.

भारत के लिए रूस से तेल की सप्लाई लगातार बनी हुई है. वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में बढ़ते तनाव के कारण दूसरे समुद्री मार्गों पर शिपिंग प्रभावित हो रही है. हालांकि रूस ने कच्चे तेल पर मिलने वाली छूट घटाकर 2-3 डॉलर प्रति बैरल कर दी है, लेकिन नियमित सप्लाई की वजह से भारत रूस से तेल खरीदता रहा.

दूसरे देशों से भी बढ़ी खरीद
रूस के अलावा भारत ने जुलाई में सऊदी अरब, इराक और कुवैत से भी कच्चे तेल का आयात बढ़ाया. जुलाई में सऊदी अरब भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर रहा. वहीं इराक और कुवैत से आने वाले तेल में भी जून के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की गई.
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