रांची: 10 मार्च को झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देशभर के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे. इस दौरान देशव्यापी कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जिससे कई राज्यों में बिजली सेवाओं पर असर पड़ सकता है.
संसद में बिल पेश नहीं करने की मांग
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे और झारखंड से फेडरेशन के महासचिव संजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर मांग की गई है कि किसान, उपभोक्ता और कर्मचारी विरोधी बताए जा रहे इस बिल को संसद में पेश न किया जाए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस बिल को संसद में लाती है तो देशभर में जोरदार विरोध किया जाएगा.

9 मार्च को दिल्ली में अहम बैठक
फेडरेशन ने 9 मार्च को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का फैसला किया है. इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें इस बिल के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी. साथ ही सांसदों से संसद में इस बिल का विरोध करने और इसे पारित न होने देने की अपील भी की जाएगी.
