सियासत का नया स्वाद: झारखंड में झालमुड़ी ने पकड़ी रफ्तार, मुरमुरा का स्टॉल सबसे ज्यादा गरम

Ranchi: राजनीति के मैदान में कब हवा का रुख बदल जाए और कब स्वाद का, यह समझना बड़े-बड़े राजनीतिक जानकारों के बस...

Ranchi: राजनीति के मैदान में कब हवा का रुख बदल जाए और कब स्वाद का, यह समझना बड़े-बड़े राजनीतिक जानकारों के बस की बात नहीं है. पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत ने न केवल भूगोल बदला है, बल्कि पड़ोस के राज्य झारखंड की थाली का व्याकरण भी बदल दिया है. बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम आदमी की तरह झालमुड़ी का लुत्फ उठाने का वीडियो क्या वायरल हुआ, झारखंड के सियासी गलियारों में मानों मुरमुरा क्रांति आ गई हो. कल तक जो नेता फाइव स्टार होटलों की कॉन्टिनेंटल डिश के मुरीद थे, वे आज रांची की सड़कों पर हाथ में ठोंगा थामे झालमुड़ी डिप्लोमेसी का ककहरा पढ़ रहे हैं.

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कागज का ठोंगा और विचारधारा की मिक्सिंग

झारखंड की राजनीति में इन दिनों एक अजीब सा ‘तीखापन’ महसूस किया जा रहा है. यह तीखापन किसी भाषण का नहीं, बल्कि उस सरसों तेल और कटी हुई हरी मिर्च का है, जो अब हर राजनैतिक कार्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है. बंगाल की जीत से उत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इसे एक सिंबोलिक जीत की तरह अपना लिया है. अब राज्य में जनसंपर्क का मतलब बदल गया है. अगर आप जनता के बीच जाकर उनके साथ बैठकर मुड़ी नहीं फांक रहे, तो मान लीजिए कि आपकी राजनीति अभी कच्ची है.

शहर के चौक-चौराहों पर नजारा देखने लायक

शहर के चौक-चौराहों पर नजारा देखने लायक है. सफेद कुर्ते-पाजामे में सजे नेताजी अचानक अपनी लग्जरी गाड़ियों से उतरते हैं, सीधे झालमुड़ी वाले के पास जाते हैं और भारी भीड़ के सामने कहते हैं, भैया, जरा मोदी जी वाला स्वाद चखा दो. यह सिर्फ नाश्ता नहीं है, यह जनता को यह दिखाने की कोशिश है कि हम भी उतने ही देसी हैं, जितने बंगाल में कमल खिलाने वाले योद्धा.

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सबसे ज्यादा शॉक आम आदमी है, जो सालों से झालमुड़ी खाता आ रहा

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा शॉक में वह आम आदमी है, जो सालों से शांति से अपनी झालमुड़ी खाता आ रहा था. अब उसे डर है कि कहीं उसकी शाम की इस प्रिय चाट पर भी राजनैतिक कॉपीराइट न लग जाए. नेताजी न केवल खुद झालमुड़ी खा रहे हैं, बल्कि राह चलते लोगों को रोक-रोक कर जबरन खिला भी रहे हैं. अब मुड़ी के तीखेपन से बहलाने की कोशिश की जा रही है. वजह सोशल मीडिया में वायरल होने की होड़.

राज्य के हर कोने-कोने से आ रही तस्वीर

राज्य के हर छोटे-बड़े शहर धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग और दुमका से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं जहां मुड़ी-पार्टी का आयोजन हो रहा है. सोशल मीडिया पर हैशटैग #JhalmuriEra और #ModiFlavor ट्रेंड कर रहा है. विपक्ष इस पर तंज कसते हुए कह रहा है कि सरकार चलाने के लिए विजन चाहिए, मुरमुरा नहीं. लेकिन समर्थकों का तर्क दमदार है, जो जनता के खाने से जुड़ेगा, वही जनता के दिलों पर राज करेगा.

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