सरायकेला : मिर्जाडीह आंदोलन को मिला विस्थापित मुक्ति वाहिनी का समर्थन

Seraikela : कोल्हान के पूर्वी सिंहभूम जिले जमशेदपुर के बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत मिर्जाडीह गांव में चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन एवं आंदोलन को...

Seraikela : कोल्हान के पूर्वी सिंहभूम जिले जमशेदपुर के बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत मिर्जाडीह गांव में चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन एवं आंदोलन को गुरुवार को व्यापक समर्थन मिला. झारखंड मानवाधिकार संघ, जमशेदपुर के बैनर तले चांडिल स्थित एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विस्थापित मुक्ति वाहिनी एवं दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच, कोल्हान ने संयुक्त रूप से आंदोलन को नैतिक समर्थन देने का आह्वान किया. वक्ताओं ने कहा कि मिर्जाडीह क्षेत्र में चल रहा आंदोलन स्थानीय लोगों के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा, विस्थापन संबंधी समस्याओं तथा सार्वजनिक संसाधनों पर ग्रामीणों के अधिकारों से जुड़ा है. ग्रामीण गांव के सार्वजनिक तालाब तक जाने वाले रास्ते पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में विगत कई दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं. आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई कर तालाब के रास्ते को अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे से मुक्त कराए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन एवं उपयोग में किसी प्रकार की परेशानी न हो.

यह सिर्फ एक गांव का मुद्दा नहीं

संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार एवं प्रशासन से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर न्यायोचित एवं स्थायी समाधान निकालने की मांग की. उन्होंने कहा कि यह केवल एक गांव का मुद्दा नहीं, बल्कि ग्रामीण अधिकारों और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़ा जनहित का विषय है. संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को जनहित से जुड़ा बताते हुए क्षेत्र की जनता से एकजुट होकर समर्थन देने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान संवाद, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए. इस अवसर पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी के नेता नारायण गोप, दलमा टाइगर के नाम से चर्चित सुखलाल पहाड़िया, गुरूचरण कर्मकार, भिरगु महतो, गणपति कैवर्त सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलन समर्थक उपस्थित थे. सभी ने आंदोलन को मजबूत बनाने तथा प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया.

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