Hazaribagh: वर्षो से भूमि स्वामित्व और दाखिल-खारिज की जटिल प्रक्रिया में फंसे DVC विस्थापित परिवारों के लिए राहत भरी खबर है. विष्णुगढ़ अंचल प्रशासन ने विस्थापित रैयतों के लंबित दाखिल-खारिज मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में पहल तेज कर दी है. इस संबंध में अंचल अधिकारी नित्यानंद दास ने प्रखंड की छह पंचायतों के मुखियाओं को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर ग्रामसभा आयोजित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
मुखियाओं को वंशावली सत्यापन की जिम्मेदारी
जारी निर्देश के अनुसार कुसुम्भा, बनासो, नवादा, गोविंदपुर, नागी एवं भेलवारा पंचायतों के मुखियाओं को DVC विस्थापित परिवारों तथा उनके उत्तराधिकारियों की सत्यापित वंशावली तैयार कर अंचल कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी. वंशावली के आधार पर दाखिल-खारिज मामलों का ऑनलाइन निष्पादन किया जाएगा. जिससे वर्षों से लंबित मामलों के समाधान की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है.

18 मौजों के हजारों रैयतों को होगा सीधा लाभ
अंचल प्रशासन की इस पहल से विष्णुगढ़ अंचल क्षेत्र के 18 मौजों के DVC विस्थापित परिवारों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है. इनमें बनासो, गरहमुर्गी, जमनीजारा, जरिया महतोईया, बरहमोरिया, भौड़ामुर्गी, गोविंदपुर कला, गोविंदपुर खुर्द, खंभरा, तेतरिया, तिलैया, हेठली मुरगांव, नावाटांड़, अलखरी खुर्द, खरखुदो, मानगोमहुआ टांड़, अर्जरी और चितरामो सहित अन्य विस्थापित गांव शामिल है.

दाखिल-खारिज के लिए दस्तावेजों की होगी विस्तृत जांच
अंचल अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए आवेदकों को शपथ-पत्र के साथ भूमि संबंधी सभी आवश्यक विवरण प्रस्तुत करने होंगे. इसमें मौजा का नाम, रैयत का नाम, खाता संख्या, प्लॉट संख्या, रकबा तथा DVC द्वारा हस्तांतरित भूमि का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा. यदि संबंधित भूमि की खरीद-बिक्री हुई है तो उसका विवरण भी उपलब्ध कराना होगा. इसके अतिरिक्त आवेदन के साथ संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया द्वारा सत्यापित वंशावली की प्रति संलग्न करना भी आवश्यक रहेगा.
समयबद्ध निष्पादन पर प्रशासन का जोर
अंचल अधिकारी नित्यानंद दास ने सभी संबंधित मुखियाओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्रामसभा आयोजित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और अंचल कार्यालय को उपलब्ध कराने की अपील की है. उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए वर्षों से लंबित दाखिल-खारिज मामलों का ऑनलाइन और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा.
विस्थापित परिवारों में जगी नई उम्मीद
प्रशासन की इस पहल से DVC विस्थापित परिवारों के बीच नई उम्मीद जगी है. दशकों से लंबित भूमि अभिलेख संबंधी समस्याओं के समाधान की संभावना बढ़ी है. साथ ही प्रशासन और विस्थापितों के बीच संवाद मजबूत होने से भूमि संबंधी विवादों के निपटारे का रास्ता भी आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है.

