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JPSC-JSSC विवाद पर उबाल: कांग्रेस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सीएम हेमंत सोरेन से मिला, सात सूत्री मांगों का सौंपा ज्ञापन

Ranchi: राजधानी रांची में इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन राजनीतिक गलियारों से लेकर सत्ता के गलियारों तक...

JPSC-JSSC dispute simmers: A high-level Congress delegation met CM Hemant Soren and submitted a memorandum of seven-point demands.

Ranchi: राजधानी रांची में इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन राजनीतिक गलियारों से लेकर सत्ता के गलियारों तक मुख्य चर्चा का केंद्र बना हुआ है. राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उपजे भारी असंतोष के बीच, अब राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर सीधी और मुखर पहल शुरू कर दी है. इसी क्रम में, बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात की. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को छात्रों की मांगों से संबंधित एक विस्तृत सात सूत्री ज्ञापन सौंपा. इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद से राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचलें काफी तेज हो गई हैं.

छात्रों के बीच असमंजस और अविश्वास का माहौल

मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई है कि वर्तमान में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न प्रक्रियाओं के चलते राज्य के युवाओं और छात्र-छात्राओं के बीच गहरा असमंजस, अविश्वास और निराशा का वातावरण बन गया है. पार्टी का मानना है कि इस प्रकार की स्थितियों से राज्य की प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मसले पर समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाना बेहद आवश्यक है, ताकि इन संस्थाओं पर से छात्रों का भरोसा डिगे नहीं बल्कि और अधिक सुदृढ़ हो सके.

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मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन की 7 प्रमुख मांगें

• पारदर्शी और समयबद्ध जांच: जेपीएससी एवं जेएसएससी पर लग रहे तमाम आरोपों की पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा जांच से जुड़ी प्रगति की जानकारियों को नियमित रूप से सार्वजनिक किया जाए.
• संदेह के घेरे में आईं एजेंसियों पर कार्रवाई: टीडीपीएल सहित जिन-जिन परीक्षा संचालन एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, उनकी गहन जांच हो. दोषी पाए जाने पर उन्हें तुरंत काली सूची में डाला जाए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

• अधिकारियों का फेरबदल: जेपीएससी और जेएसएससी कार्यालयों में वर्तमान में कार्यरत सभी संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों का अविलंब तबादला किया जाए. उनकी जगह पर योग्य, अनुभवी और पूरी तरह निष्पक्ष अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति हो ताकि संस्था की साख बचे.
• नियमित वार्षिक कैलेंडर: परीक्षाओं के लिए एक निश्चित और समयबद्ध वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए. इस कैलेंडर में विज्ञापन अधिसूचना और आवेदन की तारीख से लेकर अंतिम परीक्षा परिणाम और नियुक्ति पत्र मिलने तक की हर एक तारीख तय हो.

• कठोर कानून का क्रियान्वयन: राज्य में पूर्व में बनाए गए ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023’ का जमीनी स्तर पर कड़ाई से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.
• नीतिगत समीक्षा: आरक्षण, बैकलॉग रिक्तियों, लंबित नियुक्तियों और अन्य भर्ती संबंधी तमाम मामलों पर विस्तृत विभागीय समीक्षा की जाए तथा स्पष्ट नीतियों के तहत समयबद्ध निर्णय लिए जाएं.
• सर्वदलीय बैठक और छात्र संवाद: राज्य स्तर पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और छात्र प्रतिनिधियों के साथ सीधा व विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए ताकि उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए युवाओं का विश्वास पुनः हासिल किया जा सके.

 

JPSC-JSSC dispute simmers: A high-level Congress delegation met CM Hemant Soren and submitted a memorandum of seven-point demands.

JPSC-JSSC dispute simmers: A high-level Congress delegation met CM Hemant Soren and submitted a memorandum of seven-point demands.

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ये रहे मौजूद

मुख्यमंत्री को सौंपे गए इस महत्वपूर्ण ज्ञापन पर कांग्रेस पार्टी के कई प्रमुख और वरिष्ठ नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं, प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के अलावा विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, विधायक राजेश कच्छप, संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका सिंह पांडेय, डॉ. इरफान अंसारी, कुमार राजा और विनय उरांव समेत कई अन्य नेता शामिल रहे.

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