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बोकारो: जिंदल कंपनी के खिलाफ दुग्दा के विस्थापितों ने तीर-धनुष के साथ निकाला जुलूस

Bokaro: पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दुग्दा थाना क्षेत्र के बेडा बस्ती से स्थानीय विस्थापित समन्वय समिति के बैनर तले बुधवार सैकड़ों...

Bokaro: Dugda displaced people took out a procession with bows and arrows against Jindal Company.

Bokaro: पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दुग्दा थाना क्षेत्र के बेडा बस्ती से स्थानीय विस्थापित समन्वय समिति के बैनर तले बुधवार सैकड़ों विस्थापित महिलाओं-पुरुषों ने जुलूस निकाला. विस्थापित तीर-धनुष और पारम्परिक हथियार लेकर जुलूस में शामिल हुए. जुलूस में दुगदा बस्ती ,बेडा बस्ती, जुल्फु बेड़ा, बाघमरीटांड, चन्दुवाडींह, परसाडीह, बुढींडीह, बड़कीटांड से लोग पहुंचे. विस्थापितों को रोजगार देने, विस्थापित गांवों में बिजली पानी, सड़क, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करते हुए रैली दुगदा गोलाई, दुगदा मोड़, सरहुल पूजा स्थल होते हुए दुगदा कोल वाशरी प्लांट के मुख्य द्वार तक पहुंची. वहां नुक्कड़ सभा की गई. सभा को संबोधित करते हुए समिति अध्यक्ष ज्योति टूडू ने कहा कि जिंदल कंपनी को हर हाल में विस्थापितों को रोजगार देना होगा. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने भारत सरकार को सरकारी प्लांट लगाने के लिए जमीन दिया था, जिसे बीसीसीएल ने 25 वर्षों के लिए 189 एकड़ निजी कंपनी जिंदल को बेच दिया. कहा कि विस्थापित गांवों के लोगों को रोजगार के साथ साथ जिंदल कंपनी को पानी, बिजली,सड़क, स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना होगा.

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चार सूत्री मांग-पत्र जिंदल कंपनी को सौंपा गया

समिति सचिव सह जेएमएम प्रखंड उपाध्यक्ष विजय कुमार मांझी ने कहा कि यहां के विस्थापित दुग्दा कोल वाशरी में जिंदल कंपनी का स्वागत करते हैं. लेकिन जिंदल कंपनी को भी पढ़े-लिखे और तकनीकी शिक्षा प्राप्त विस्थापित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार से जोड़ना होगा. कार्यक्रम के उपरांत समिति का एक प्रतिनिधि मंडल चार सूत्री मांग लेकर जिंदल कंपनी के प्रोजेक्ट हैड संजय बोराल से मिले, विस्थापितों को न्याय दिलाने की मांग की. मौके पर फूलचंद मूर्मू, अनील मूर्मू, सदानंद मंडल, बैजनाथ सोरेन, रुपलाल टुडु, महादेव राम, रीतलाल रजक, गणेश दास, रामप्रवेश मूर्मू, रामु सोरेन, मनोज तुरी, रुपलाल ठाकुर, भीम साव चेलू हेंब्रम, मुकेश कुमार मूर्मू समेत सैकड़ों विस्थापित उपस्थित थे.

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