Bokaro: कसमार थाना क्षेत्र के बहुचर्चित दहेज हत्या कांड में करीब छह वर्षों से फरार चल रहे मृतका संगीता देवी की सास शेरुबनी देवी एवं ससुर अलकु सिंह को कसमार पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस ने दोनों को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के कोटशिला-चितमू क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई पुलिस पदाधिकारी रोजित आलम के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई. मामला दांतू गांव के जोरियापार टोला निवासी लोधर सिंह की पुत्री संगीता देवी की मौत से जुड़ा है.
ससुराल पक्ष की तरफ से की जा रही थी पैसे की मांग
प्राथमिकी के अनुसार, संगीता की शादी के समय उसके परिजनों ने 81 हजार रुपये नकद सहित अन्य उपहार दिए थे. शादी के कुछ समय बाद एक पुत्री के जन्म के उपरांत पति और ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त एक लाख रुपये दहेज की मांग शुरू कर दी. मांग पूरी नहीं होने पर संगीता को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा. आरोप है कि उसका पति शराब के नशे में अक्सर मारपीट करता था और बाद में उसे उसकी 15 माह की बच्ची के साथ मायके भेज दिया गया.
पति, सास और ससुर ने संगीता पर तेल छिड़ककर लगा दी थी आग
परिजनों के अनुसार, सामाजिक स्तर पर समझौते के प्रयास के बाद 20 जुलाई 2020 को संगीता को फिर से ससुराल भेजा गया. लेकिन दो दिन बाद ही 22 जुलाई को पति, सास और ससुर ने मिलकर उस पर तेल छिड़ककर आग लगा दी. गंभीर रूप से झुलसी संगीता को इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स में भर्ती कराया गया, जहां 29 जुलाई 2020 को उसकी मौत हो गई.
मृत्यु से पहले संगीता ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी देते हुए ससुराल पक्ष पर आग लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया था. घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे. पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी और आखिरकार छह साल बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली.
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