Ranchi: 7वीं जेपीएससी से नियुक्त अधिकारी व जवान को एसीबी ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. हजारीबाग एसीबी की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए प्रोबेशन अधिकारी सिमरन और होमगार्ड के एक जवान को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक एसीबी की टीम ने रिश्वत लेने के मामले में पहले होमगार्ड के जवान को 10 हजार रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि वह प्रोबेशन अधिकारी के कहने पर रिश्वत ले रहा था, जिसके बाद एसीबी की टीम ने प्रोबेशन अधिकारी को भी गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में आगे की जांच जारी है.

क्या है पूरा मामला?
मामले की जानकारी देते हुए एसीबी अधिकारियों ने बताया कि रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना अंतर्गत ग्राम व पोस्ट बड़की पोना के रहने वाले त्रिदेव कुमार (27 वर्ष),
हजारीबाग ब्यूरो को एक लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में बताया गया था कि त्रिदेव कुमार के परिवार को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की अनुदान राशि मिलनी है. इस अनुदान राशि में नियमानुसार वृद्धि (बढ़ोतरी) कराने के संबंध में जब परिवादी त्रिदेव कुमार ने जिला प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी से मुलाकात की, तो ऑफिसर ने उन्हें अपने कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत से मिलने के लिए कहा. जब पीड़ित सुजीत से मिला, तो उसने अनुदान राशि का सत्यापन प्रतिवेदन आगे बढ़ाने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत की मांग की.

रिश्वत देने के बजाय पीड़ित ने चुना कानून का रास्ता:
त्रिदेव कुमार भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहते थे और रिश्वत देने के सख्त खिलाफ थे. उन्होंने तुरंत इस मामले की शिकायत एसपी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग से की और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक सत्यापनकर्ता को नियुक्त किया. तकनीकी यंत्रों के माध्यम से किए गए गुप्त और विधिवत सत्यापन के दौरान यह बात पूरी तरह सच साबित हुई कि प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी के निर्देश पर ही कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत दस हजार की घूस मांग रहा था. जिसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।इस टीम में प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी और दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों को भी शामिल किया गया ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी रहे. योजना के मुताबिक, जैसे ही आवेदक त्रिदेव कुमार ने प्रोबेशन ऑफिसर के निर्देश पर कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत पासवान को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में पांच रुपये थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने सुजीत को रंगे हाथों दबोच लिया. इसके तुरंत बाद, मुख्य आरोपी प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी को भी विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया.
