Giridih: गिरिडीह जिला के सदर प्रखंड अंतर्गत लेदा पंचायत के भोकताडीह गांव में इन दिनों गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. गांव के लगभग 20 परिवार मात्र एक चापाकल के सहारे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त चापाकल से भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं निकलता, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

लंबी कतारों में लग कर भी नहीं मिलता पानी
स्थानीय ग्रामीण द्रोपदी देवी ने बताया कि गांव में करीब 20 घरों के लिए केवल एक चापाकल उपलब्ध है. गर्मी के मौसम और लगातार बढ़ती पानी की आवश्यकता के बीच चापाकल से नाममात्र का पानी निकल रहा है. इसके कारण सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों की लंबी कतार लग जाती है और कई बार लोगों को बिना पानी लिए लौटना पड़ता है.
पंचायत में भी समस्या का नहीं हुआ निदान
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और मुखिया पक्ष को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लेदा पंचायत की मुखिया माधुरी देवी के पति बिनोद पांडेय को भी कई बार इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद गांव में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.
ग्रामीणों हो रहे आंदोलन करने को बाध्य
पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों में प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे पंचायत के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि पानी के लिए उन्हें काफी दूर तक जाना पड़ता है और कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है. इससे घरेलू कार्यों के साथ-साथ पशुपालन और अन्य दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं.
प्रशासन और पेयजल विभाग से मांग, जल्द हो निदान
मौके पर बंसती देवी, भगिया देवी, उर्मिला देवी, कुंती देवी, भगवतिया देवी, जानकी देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद थे. सभी ने एक स्वर में प्रशासन से गांव में शीघ्र नए चापाकल की व्यवस्था कराने अथवा खराब पेयजल स्रोतों की मरम्मत कराने की मांग की.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पेयजल विभाग से अविलंब हस्तक्षेप कर भोकताडीह गांव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके.



