Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासत तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को शर्मसार करते हुए राज्यसभा चुनाव को खरीद-फरोख्त का अखाड़ा बना दिया.
धनबल से चुनाव प्रभावित करने का आरोप
आलोक दूबे ने कहा कि पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद भाजपा ने धनबल और राजनीतिक दबाव के सहारे चुनावी समीकरण बदलने की कोशिश की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में पैसों का खुला खेल हुआ और राज्यसभा चुनाव को 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का काम किया गया. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को केंद्र स्तर से समर्थन प्राप्त था. उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय बनाकर पूरी ताकत झोंक दी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई.
गठबंधन में सेंधमारी का दावा
दूबे ने कहा कि चुनाव परिणाम यह संकेत देते हैं कि इंडिया गठबंधन के 56 विधायकों में कहीं न कहीं सेंधमारी हुई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हाईकमान पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से समीक्षा करेगा और तथ्यों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार को अपेक्षा से अधिक विधायकों का समर्थन मिला, जो यह साबित करता है कि लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और संविधानिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले जनप्रतिनिधियों का भरोसा आज भी कांग्रेस के साथ है. हालांकि कुछ अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हो सकी.
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समर्थक विधायकों का जताया आभार
आलोक दूबे ने कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करने वाले सभी विधायकों का आभार जताते हुए कहा कि संविधान, लोकतंत्र और जनादेश की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग और धनबल की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी.



