Ranchi: मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय आश्रम से नवजात शिशुओं की कथित खरीद-फरोख्त और अंतर-राज्यीय मानव तस्करी से जुड़े वर्ष 2018 के बहुचर्चित मामले में रांची सिविल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पुख्ता साक्ष्य और चश्मदीद गवाह प्रस्तुत न कर पाने के कारण मुख्य आरोपी सिस्टर कांसिलिया बाखला और आश्रम की कर्मचारी अनिमा इंदवार को बरी कर दिया है. यह मामला वर्ष 2018 में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की तत्कालीन अध्यक्ष रूपा कुमारी की लिखित शिकायत के बाद संज्ञान में आया था. उक्त शिकायत के आधार पर रांची के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने में कांड संख्या 04/2018 दर्ज की गई थी. प्राथमिकी में आरोप था कि संजाल के माध्यम से अविवाहित माताओं के नवजात बच्चों का वित्तीय लाभ के लिए अवैध सौदा किया जा रहा था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने 7 जुलाई 2018 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और तत्कालीन समय में उनकी नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी.
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