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गिरिडीह: NEET परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, बिरनी की छात्रा दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते गिरफ्तार, बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल

Giridih: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित रूप से दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के आरोप में गिरिडीह...

NEET exam exposed
गिरफ्तार छात्रा

Giridih: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित रूप से दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के आरोप में गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड की एक छात्रा को लखीसराय पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मामले के सामने आने के बाद शिक्षा जगत और स्थानीय क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी हुई है. लखीसराय पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार छात्रा की पहचान बिरनी प्रखंड के बरमसिया पंचायत अंतर्गत खरटी गांव निवासी बालेश्वर प्रसाद राणा की पुत्री पूनम कुमारी के रूप में हुई है.

बताया जा रहा है कि पूनम कुमारी शैक्षणिक रूप से मेधावी छात्रा रही है. उसने वर्ष 2021 में रांची के उर्सुलाइन इंटर कॉलेज से इंटर साइंस की पढ़ाई पूरी की थी और जैक बोर्ड की टॉपर भी रह चुकी है. वर्तमान में वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में बीएससी नर्सिंग की छात्रा बताई जा रही है.

बायोमेट्रिक सत्यापन में पकड़ी गई कथित साजिश

पुलिस के अनुसार, पूनम कुमारी कथित रूप से मधुप्रिया नामक अभ्यर्थी के स्थान पर नीट परीक्षा देने परीक्षा केंद्र पहुंची थी. परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था. इसी दौरान बायोमेट्रिक डेटा का मिलान नहीं होने पर अधिकारियों को संदेह हुआ.
संदेह गहराने पर छात्रा से पूछताछ की गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने की बात स्वीकार की. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

एमबीबीएस छात्र पर सॉल्वर गैंग से जुड़े होने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी के रूप में अश्विनी कुमार उर्फ मयंक कश्यप का नाम सामने आने की जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि वह पटना स्थित पीएमसीएच में एमबीबीएस का छात्र है. पुलिस के अनुसार, अश्विनी कुमार फर्जी तरीके से बायोमेट्रिक कर्मी बनकर परीक्षा केंद्रों में सॉल्वर गैंग से जुड़े अभ्यर्थियों को प्रवेश दिलाने का काम कर रहा था. आरोप है कि वह परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी कर दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने की साजिश का हिस्सा था.

आर्थिक लेन-देन की भूमिका की भी जांच

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, कि गिरफ्तार छात्रा किन परिस्थितियों में इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल हुई. पुलिस यह भी जांच कर रही है, कि इसके पीछे किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन या संगठित गिरोह का नेटवर्क सक्रिय था या नहीं. जांच एजेंसियां छात्रा, मुख्य आरोपी और अन्य संभावित संदिग्धों के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.

क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला

घटना के सामने आने के बाद बिरनी सहित पूरे गिरिडीह जिले में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. एक मेधावी छात्रा का इस तरह के गंभीर आरोप में गिरफ्तार होना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है. वहीं स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्रा की भूमिका क्या थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे.

पुलिस ने कहा- जांच जारी है

लखीसराय पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है. जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.  पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं.

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