Chatra: कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई के दौरान बढ़ते सड़क हादसों और मौतों के विरोध में सिमरिया में ‘हाइवा चतरा छोड़ो’ आंदोलन शुरू हो गया है. सर्वदलीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में सुभाष चौक पर अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम शुरू किया गया है. आंदोलन के समर्थन में चतरा के रास्ते होने वाली कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई भी अनिश्चितकाल के लिए रोकने का दावा किया गया है.

भारी वाहनों की आवाजाही के खिलाफ खोला मोर्चा
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झामुमो के पूर्व सिमरिया विधानसभा प्रत्याशी मनोज चंद्रा ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से चतरा की ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. इसके कारण सड़कें जर्जर हो रही हैं और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन मृतकों के आश्रितों के लिए स्थायी क्षतिपूर्ति की प्रभावी व्यवस्था अब तक नहीं बन सकी है. समिति ने सरकार से इस दिशा में ठोस नीति बनाने की मांग की है.

चतरा के रास्ते कोयला ढुलाई बंद करने की मांग
सर्वदलीय संघर्ष समिति के सदस्यों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें भारी वाहनों के लगातार दबाव के लिए उपयुक्त नहीं हैं. इसके बावजूद हजारीबाग जिले की पकरी बरवाडीह, जोरदाग और चट्टीबरियातू सहित विभिन्न कोयला खदानों से निकलने वाला कोयला चतरा के रास्ते हजारीबाग पहुंचाया जा रहा है. समिति का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है. इसी को देखते हुए चतरा के रास्ते हजारीबाग तक होने वाली कोयला ढुलाई को तत्काल बंद करने की मांग की गई है.

हादसे में मौत के बाद मुआवजे की व्यवस्था पर सवाल
आंदोलनकारियों ने सड़क हादसों में मौत के बाद मुआवजा पाने के लिए पीड़ित परिवारों को आंदोलन और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति पर भी सवाल उठाया. समिति ने मृतकों के आश्रितों के लिए स्थायी क्षतिपूर्ति नीति लागू करने की मांग की है.आंदोलनकारियों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे सड़क हादसे में किसी की मौत होने के बाद उसके परिवार को मुआवजे के लिए अलग से संघर्ष न करना पड़े.
विभिन्न दलों के नेता और ग्रामीण आंदोलन में शामिल
आंदोलन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य चंद्रदेव गोप, झामुमो जिला सचिव चंद्रदेव साहू, आप जिलाध्यक्ष शत्रुध्न प्रसाद, राजद नेता वीरेंद्र यादव, कांग्रेस नेता कामाख्या नारायण सिंह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. सर्वदलीय संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना और चक्का जाम अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा.
कोयलांचल में परिवहन प्रभावित
चक्का जाम शुरू होने के बाद कोयलांचल क्षेत्र में कोयला परिवहन प्रभावित होने की बात कही जा रही है. समिति के आंदोलन के कारण सरकार और सीसीएल के राजस्व पर भी असर पड़ने का दावा किया गया है. आंदोलन के चलते क्षेत्र में प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है.
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