रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान श्रम, नियोजन, कौशल विकास एवं उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल गरमा गया. कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष की ओर से लाए गए कटौती प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार राज्य से बेरोजगारी के कलंक को मिटाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है.

बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
सदन में चर्चा के दौरान प्रदीप यादव ने कहा कि वर्तमान में झारखंड बेरोजगारी दर के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है. उन्होंने इसे सरकार की सक्रियता का संकेत बताते हुए कहा कि राज्य में रोजगार सृजन की दिशा में लगातार काम हो रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने तथा उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने की जरूरत है, ताकि बेरोजगारी दर में और कमी लाई जा सके.
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श्रमिकों तक नहीं पहुंच रही योजनाओं की जानकारी
श्रम विभाग की योजनाओं की सराहना करते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं. उन्होंने कहा कि श्रमिकों के घर में श्राद्ध जैसे अवसरों पर भी आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है. लेकिन दुखद बात यह है कि जमीनी स्तर पर कई श्रमिकों को इन योजनाओं की जानकारी ही नहीं मिल पा रही है. उन्होंने सरकार से इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की मांग की, ताकि अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके.
केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में प्रदीप यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियां आम जनता और सार्वजनिक क्षेत्र के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों के हित में काम कर रही हैं. एचईसी की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीति पहले सार्वजनिक उपक्रमों को कमजोर करने और बाद में उन्हें निजी हाथों में सौंपने की रही है.

