Hazaribagh: जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण के दौरान उपायुक्त ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है. इसके माध्यम से पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जाएगा.
दावा-आपत्ति और नाम जोड़ने की प्रक्रिया की दी जानकारी
उपायुक्त ने पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा, दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया, नए मतदाताओं के नाम शामिल करने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपित करने तथा आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदाताओं को जागरूक करने और निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की. बैठक में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, विभिन्न प्रपत्रों के उपयोग तथा ऑनलाइन सुविधाओं की भी जानकारी दी गई. उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और इसकी शुद्धता सुनिश्चित करने में राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उपायुक्त ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया, ताकि जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके.

विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में उप निर्वाचन पदाधिकारी वेदवंती कुमारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. इनमें आम आदमी पार्टी के शशि कुमार सिंह, बहुजन समाज पार्टी की शीला देवी, भारतीय जनता पार्टी के जयनारायण मेहता, सीपीआई (माले) के गणेश कुमार सीटू, कांग्रेस के निसार खान, आजसू के शुभम राणा, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुनील कुमार शर्मा तथा राष्ट्रीय जनता दल के हीरामन यादव शामिल थे. प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया गया, ताकि आगामी अभियान को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनसहभागिता आधारित बनाया जा सके.
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