Jamtara: उपायुक्त सह जिला समुचित प्राधिकारी (पीसी एंड पीएनडीटी) आलोक कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की स्थिति, लाइसेंस नवीनीकरण और नए आवेदनों की समीक्षा की गई. बैठक के दौरान समिति के समक्ष प्राप्त तीन प्रस्तावों, जिनमें दो लाइसेंस नवीनीकरण और एक नया आवेदन शामिल था, पर विस्तार से चर्चा की गई.
अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
उपायुक्त ने पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप आवेदन प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस नवीनीकरण के आवेदन अवधि समाप्त होने से कम-से-कम तीन माह पूर्व प्राप्त किए जाएं तथा संबंधित संस्थानों को समय रहते इसकी सूचना दी जाए. जिन केंद्रों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी है, उनकी एक सप्ताह के भीतर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.

जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त
उपायुक्त ने समिति को प्राप्त सभी आवेदनों का स्थल निरीक्षण कर दस दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम पर भी विशेष जोर दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच कराना और कराना कानूनन अपराध है. यदि जिले के किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र की संलिप्तता इस प्रकार के मामलों में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निलेश कुमार, डॉ. दुर्गेश झा, डीपीएम प्रदीप महतो तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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