Hazaribagh: कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की विभीषिका को याद करते हुए शनिवार को भारतीय जनता पार्टी, हजारीबाग द्वारा बड़ा बाजार स्थित जैन धर्मशाला सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल शामिल हुए. सभागार पहुंचने पर भाजपा के जिला कार्यालय प्रभारी विवेक सिंह ने सांसद मनीष जायसवाल का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया.
लोकतंत्र सेनानियों को किया गया सम्मानित
संगोष्ठी के दौरान आपातकाल के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को याद किया गया. सांसद मनीष जायसवाल ने आंदोलनकारी मनजीत सिंह कालरा को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. इसके साथ ही देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले करीब एक दर्जन अन्य आंदोलनकारियों को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. इस गरिमामयी संगोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा के जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने की, जबकि मंच का संचालन जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद मेहता ने किया.

आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है. उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया और 21 महीने तक लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया. इस दौरान हजारों लोकतंत्र सेनानियों को जेल भेजा गया, उन्हें यातनाएं दी गईं और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया.
उन्होंने कहा कि देशवासियों के संघर्ष के बाद 21 मार्च 1977 को यह दौर समाप्त हुआ. भाजपा इस इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाली पीढ़ियां लोकतंत्र के महत्व को समझ सकें. इस अवसर पर भाजपा जिला संगठन प्रभारी सह पूर्व विधायक किसुन दास, पूर्व सांसद सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यदुनाथ पांडेय, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, प्रदेश मंत्री अमरदीप यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता हरीश श्रीवास्तव, के. पी. ओझा, सुदेश चंद्रवंशी, अनिल मिश्रा सहित भाजपा के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे.


