Giridih: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान को सफल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए गिरिडीह जिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. 30 जून से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत शनिवार को खोरीमहुआ और बगोदर-सरिया विधानसभा क्षेत्रों में समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए.
खोरीमहुआ अनुमंडल कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी समीर रेनियर खलखो ने की. बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं बीएलए-1 ने भाग लिया. इस दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य, समय-सारिणी तथा बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बीएलए-2 की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी गई.

मतदाता सत्यापन और जनजागरूकता पर जोर
बैठक में घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन, पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने, त्रुटियों के सुधार तथा मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने पर विशेष जोर दिया गया. साथ ही आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए पोस्टर एवं लीफलेट के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया.
एसडीओ समीर रेनियर खलखो ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने-अपने बीएलए-2 के माध्यम से बूथ स्तर पर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित करें और घर-घर गणना एवं सत्यापन कार्य में सक्रिय सहयोग दें, ताकि आयोग के निर्देशानुसार पुनरीक्षण अभियान निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके.
वॉलंटियर्स को भी दिया गया प्रशिक्षण
वहीं, बगोदर-सरिया विधानसभा क्षेत्र में अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में सरिया कॉलेज में मतदान केंद्रवार प्रतिनियुक्त वॉलंटियर्स का प्रशिक्षण आयोजित किया गया. प्रशिक्षण के दौरान पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की पूरी प्रक्रिया, मतदाता सत्यापन, विभिन्न प्रपत्रों के संधारण तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई.
प्रशिक्षण का उद्देश्य गणना एवं सत्यापन कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी ढंग से पूरा करना है. बैठक एवं प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों ने अभियान के सफल संचालन के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए. 30 जून से शुरू होने वाला यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान जिले की मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


