Ranchi : कृषि विभाग की ओर से संचालित किसान कॉल सेंटर राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरा है. राज्य के किसानों को उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान और कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से स्थापित यह पोर्टल न सिर्फ शिकायतों को दर्ज कर रहा है, बल्कि उनका समयबद्ध निस्तारण भी सुनिश्चित कर रहा है. तकनीक के माध्यम से कृषि विभाग और किसानों के बीच की दूरी काफी कम हुई है.
कुल शिकायतों का आंकड़ा और स्रोतों की विविधता
राज्य में अब तक कुल 17,376 शिकायतें पंजीकृत की गई हैं. यह संख्या दर्शाती है कि किसान अब अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए जागरूक हो रहे हैं. इन शिकायतों के आने के माध्यमों में भी विविधता देखी गई है. किसान अपनी बात पहुंचाने के लिए कॉल सेंटर (15,868), वेबसाइट (1,167), व्हाट्सएप (213), सोशल मीडिया (17) और अन्य डिजिटल साधनों का उपयोग कर रहे हैं. सबसे अधिक शिकायतें कॉल के माध्यम से प्राप्त हुई हैं.

बीते 12 महीनों का प्रदर्शन
पिछले एक साल (जुलाई 2025 से जून 2026) के आंकड़ों के आधार पर कुल 319 शिकायतें दर्ज की गई हैं. अगस्त 2025 में सबसे अधिक 52 शिकायतें दर्ज हुई थी.जबकि हालिया महीनों में इसमें उतार-चढ़ाव देखा गया है. इन आंकड़ों के माध्यम से विभाग यह समझने की कोशिश करता है कि किस विशेष समय में किसानों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ताकि भविष्य की कार्ययोजना बेहतर बनाई जा सके.
शत-प्रतिशत सफलता दर
कोडरमा, साहिबगंज, पलामू, पाकुड़, गुमला समेत राज्य के सभी जिलों में स्थित जिला कृषि कार्यालयों ने वर्तमान स्थिति में शत-प्रतिशत सफलता दर्ज की है. प्राप्त शिकायतों का समाधान संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी रूप से किया जा रहा है. कृषि ऋण माफी योजना, बीज वितरण, खाद की उपलब्धता और केसीसी से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है.
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