Gumla : रोजगार की तलाश में गोवा गए गुमला के 29 वर्षीय प्रवासी मजदूर शनिचर उरांव की घर वापसी के दौरान मौत हो गयी. शनिचर उरांव की मौत ट्रेन में तबीयत बिगड़ने से हुई. घटना के बाद से मृतक के परिवार और पैतृक गांव में मातम का माहौल है. पत्नी और मासूम बच्चे को सहारा देने के लिए पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद और उचित मुआवजे की गुहार लगाई है. मिली जानकारी के अनुसार, गुमला थाना क्षेत्र अंतर्गत पंचायत करौंदी के जोराग गांव के रहने वाले शनिचर उरांव रोजगार के लिए करीब एक साल पहले गोवा गए थे. वहां वह अपनी पत्नी सोनी उरांव और बेटे प्रियांश उरांव के साथ रहकर मजदूरी करते थे. शनिचर उरांव अपने पूरे परिवार के साथ वापस अपने पैतृक गांव जोराग लौटने के लिए गोवा से ट्रेन में बैठे थे. लेकिन अचानक ट्रेन में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी स्थिति काफी गंभीर हो गई. ट्रेन में स्थिति गंभीर होने के बाद सूचना मिलते ही तेलंगाना पुलिस की तत्परता से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन दुर्भाग्यवश, अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
सरकार और प्रशासन से मुआवजा की मांग
कमाने गए घर के मुखिया की अचानक मौत से सफर कर रही पत्नी सोनी उरांव और बेटा प्रियांश उरांव पूरी तरह टूट गए हैं. शनिचर उरांव के वृद्ध पिता चुका उरांव, पत्नी सोनी और बेटे प्रियांश के सामने अब आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने झारखंड सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से इस दुख की घड़ी में सहायता करने और पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा व सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग की है. जिससे बच्चे और पत्नी का भरण-पोषण हो सके.

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