Ranchi: जमशेदपुर और सरायकेला के कप्तानों की छुट्टी के बाद झारखंड की सियासत में एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला है. जमशेदपुर में करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिस त्वरित अंदाज में जमशेदपुर और सरायकेला के एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाया, उसकी विपक्षी खेमे के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने खुलकर सराहना की है. हालांकि, इसे महज एक शुरुआती कदम बताते हुए रघुवर दास ने पीड़ित परिवार के लिए सरकारी नौकरी और स्पीडी ट्रायल की बड़ी मांग भी सरकार के सामने दाग दी है.
एक्शन अच्छा, पर इंसाफ अभी बाकी है
बुधवार को मृतक हिमांशु सिंह के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि पुलिस के आला अधिकारियों को हटाकर मुख्यमंत्री ने एक अच्छी पहल की है, लेकिन असली न्याय तब तक अधूरा है जब तक कि इस खौफनाक वारदात के सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते. रघुवर दास ने मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की वकालत की ताकि अपराधियों को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन सके.

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कैबिनेट से नौकरी देने की मांग
परिजनों से मुलाकात के बाद रघुवर दास ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से भी इस संबंध में बात की. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार मृतक के आश्रित के लिए एक स्थायी सरकारी नौकरी की मांग कर रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सरकार को रास्ता सुझाते हुए कहा, अगर सरकार वास्तव में पीड़ित परिवार की मदद करना चाहती है, तो कैबिनेट की बैठक में विशेष प्रस्ताव पारित कर आश्रित को स्थायी सरकारी नौकरी दी जा सकती है. मुझे उम्मीद है कि हेमंत सोरेन इस पर सकारात्मक निर्णय लेंगे.
बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर जताई चिंता
प्रशासनिक कार्रवाई की तारीफ करने के साथ ही रघुवर दास ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला भी बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं आम जनता में डर का माहौल पैदा कर रही हैं. अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए सरकार को केवल ट्रांसफर-पोस्टिंग तक सीमित न रहकर, अपराध नियंत्रण के लिए धरातल पर और ज्यादा सख्त कदम उठाने होंगे.


