रेलवे ने यात्रियों को साल 2024-25 में 60 हजार करोड़ से अधिक सब्सिडी दी : अश्विनी वैष्णव

Delhi : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे यात्री किरायों को “ट्रेड सीक्रेट” (व्यापारिक गोपनीयता) नहीं मानता....

Delhi : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे यात्री किरायों को “ट्रेड सीक्रेट” (व्यापारिक गोपनीयता) नहीं मानता. यात्री सेवाओं की सभी श्रेणियों के किरायों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक डोमेन में व्यापक रूप से उपलब्ध रहती है. रेल मंत्री ने कहा कि साल 2024–25 में भारतीय रेलवे ने यात्री टिकटों पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, जिससे हर यात्री को औसतन 43 फीसदी की रियायत मिलती है. दूसरे शब्दों में, यदि सेवा प्रदान करने की लागत 100 रुपये है तो यात्री को टिकट के लिए केवल 57 रुपये देने पड़ते हैं. यह सब्सिडी सभी यात्रियों के लिए जारी है. इसके अलावा दिव्यांगजन की 4 श्रेणियों, 11 प्रकार के मरीजों और 8 श्रेणियों के छात्रों को अतिरिक्त रियायतें भी दी जाती हैं.

रेलवे सुनिश्चित करता है पारदर्शिता : अश्विनी वैष्णव

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यात्री टिकट पर किराए के सभी घटकों जैसे बेस फेयर, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क, जीएसटी आदि का विवरण दिया जाता है. ये जानकारी भौतिक और डिजिटल दोनों रूपों में उपलब्ध होती है तथा कंप्यूटरीकृत टिकटिंग सिस्टम जैसे Passenger Reservation System (PRS), Unreserved Ticketing System (UTS) और मोबाइल ऐप RailOne पर भी प्रदर्शित की जाती है. रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों के किराए के तर्क संगतीकरण या संशोधन से संबंधित किसी भी बदलाव की जानकारी भी समय-समय पर सार्वजनिक रूप से प्रकाशित की जाती है. एक सार्वजनिक उपक्रम होने के नाते भारतीय रेलवे लोगों और संसद के प्रति जवाबदेह है और सेवाएं वित्तीय रूप से टिकाऊ तरीके से प्रदान करता है. यात्री किराया तय करते समय सेवा लागत, अन्य परिवहन साधनों से प्रतिस्पर्धा और यात्रियों की वहन क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है.

रेलवे यात्रियों को दी जाती है कई सुविधा : रेल मंत्री

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों सहित सभी यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न सुविधाएं प्रदान करता है. इनमें प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं—
* दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं को उपलब्धता के अनुसार स्वचालित रूप से लोअर बर्थ आवंटन
* प्रत्येक कोच में लोअर बर्थ का आरक्षित कोटा—स्लीपर क्लास में 6–7, 3AC में 4–5 और 2AC में 3–4 लोअर बर्थ
* मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों (राजधानी/शताब्दी सहित) में दिव्यांगजनों और उनके सहायकों के लिए विशेष आरक्षण कोटा
* यदि यात्रा के दौरान लोअर बर्थ खाली होती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों या गर्भवती महिलाओं को दिया जाता है.

कई देशों के मुकाबले भारत रेल भाड़ा कम : रेल मंत्री

रेलमंत्री ने कहा कि पहली 27575/27576 हावड़ा–कामाख्या वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस 22 जनवरी 2026 से शुरू की गई है. वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर सेवाओं का विस्तार एक सतत प्रक्रिया है, जो मार्ग की क्षमता, उपलब्ध पाथ, रोलिंग स्टॉक, अवसंरचना, ट्रैक रख-रखाव और यातायात की मांग जैसे कारकों पर निर्भर करता है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में आधुनिक कोच और उन्नत सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं, जैसे कवच सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट, उन्नत अग्नि सुरक्षा मानक, सील्ड गैंगवे और केंद्रीय कोच मॉनिटरिंग सिस्टम. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया प्रति यात्री-प्रति किलोमीटर (PKM) के आधार पर निर्धारित है. 3AC के लिए यह ₹2.40 प्रति किमी (जीएसटी अतिरिक्त) है. उदाहरण के तौर पर 1000 किमी की यात्रा के लिए 3AC का किराया लगभग ₹2400 (जीएसटी अतिरिक्त) होगा. यह ट्रेन ऑल-इनक्लूसिव किराया श्रेणी की सेवा है और इसमें RAC टिकट का प्रावधान नहीं है. प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को तभी कन्फर्मेशन मिलता है जब कन्फर्म टिकट वाले यात्री टिकट रद्द करते हैं. रेल मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे के किराए दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी कम हैं. वंदे भारत स्लीपर का किराया ₹2.40 से ₹3.80 प्रति यात्री-किमी है, जबकि इसी प्रकार की सेवाओं के लिए चीन, जापान और फ्रांस में यह ₹7 से ₹20 प्रति यात्री-किमी तक होता है. रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है.

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