Chaibasa: सहकारिता सप्ताह के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने, सहकारी संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण विकास को गति देने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक एवं ग्रामीण परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है. जब सहकारी संस्थाएं मजबूत होंगी, तब किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा.
धान अधिप्राप्ति, फसल बीमा और जन-जागरूकता में MPCS की भूमिका होगी और मजबूत
उपायुक्त ने पदाधिकारियों एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सहकारिता को जन-आंदोलन का स्वरूप दें. उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन, कृषि विकास, मत्स्य पालन, वित्तीय समावेशन एवं ग्रामीण स्वावलंबन के लिए सहकारी संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने विशेष रूप से धान अधिप्राप्ति, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा विभिन्न प्रायोजन योजनाओं को बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए. साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान, सर्पदंश और मलेरिया के प्रति जन-जागरूकता फैलाने में भी MPCS की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा. बैठक में सहायक समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सहायक निबंधक (सहकारिता), जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, DPM-JSLPS, झारखंड राज्य सहकारी बैंक की विभिन्न शाखाओं के शाखा प्रबंधक, अंकेक्षण पदाधिकारी, MPCS के अध्यक्ष-सचिव तथा JSLPS के सदस्य शामिल हुए. समापन अवसर पर सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधों का वितरण भी किया गया.

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