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झारखंड का ‘शिमला’ बन रहा गुमला, प्रकृति की गोद में बसता खूबसूरत पर्यटन स्थल अब भी विकास का इंतजार

Gumla: गुमला झारखंड का आदिवासी बहुल और पिछड़ा जिला माना जाता है. आज भी यहां के कई गांव बुनियादी सुविधाओं और विकास...

Gumla: गुमला झारखंड का आदिवासी बहुल और पिछड़ा जिला माना जाता है. आज भी यहां के कई गांव बुनियादी सुविधाओं और विकास की राह देख रहे हैं. बावजूद इसके, प्रकृति ने इस जिले को ऐसी अनुपम खूबसूरती दी है, जो इसे राज्य के सबसे आकर्षक इलाकों में शामिल करती है.

मौसम बदलते ही ‘शिमला’ जैसा हो जाता है नजारा

बारिश और ठंड के मौसम में गुमला की पहाड़ियां धुंध की चादर से ढक जाती हैं. पहाड़ों के ऊपर तैरते बादल और हरियाली ऐसा दृश्य प्रस्तुत करते हैं, जिसे देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. यहां से गुजरने वाले लोग अक्सर रुककर तस्वीरें खिंचवाते हैं और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं.

सड़क बनी, लेकिन पर्यटन सुविधाओं का अब भी अभाव

पहले इस क्षेत्र तक पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन सरकार द्वारा सड़क निर्माण के बाद आवागमन आसान हुआ है. इसके बावजूद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुविधाएं, जैसे ठहरने की व्यवस्था, पर्यटन केंद्र और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास अब तक नहीं हो सका है.

स्थानीय लोगों की मांग- पर्यटन को मिले बढ़ावा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे और यहां टूरिस्ट बंगला, व्यू पॉइंट व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराए, तो बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और लोगों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा.

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खनिज ही नहीं, प्राकृतिक सौंदर्य भी है झारखंड की असली पूंजी

ग्रामीणों का मानना है कि अब तक की सरकारों ने झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा तक सीमित रखी है, जबकि राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती भी किसी बड़े संसाधन से कम नहीं है. यदि इसका सही उपयोग किया जाए तो यह पर्यटन उद्योग के जरिए हजारों लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकता है.

स्वच्छ हवा और शांत वातावरण बन सकता है बड़ी पहचान

गुमला की वादियों में मिलने वाली शुद्ध हवा, हरियाली और शांत वातावरण लोगों को मानसिक सुकून देता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां का स्वच्छ पर्यावरण बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए भी अनुकूल है. यदि इस प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए पर्यटन से जोड़ा जाए, तो गुमला की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं.

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