Chatra : राज्य सरकार के निर्णय के बाद चतरा जिले के छह प्रखंडों का प्रशासनिक ढांचा बदल जाएगा. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 12 पंचायतों से कम वाले प्रखंडों में प्रखंड विकास पदाधिकारी BDOको ही अंचल अधिकारी CO का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जिले में इसकी तैयारी शुरू हो गई है. सरकार के निर्णय के अनुसार जिन प्रखंडों में पंचायतों की संख्या 12 से कम है, वहां अलग से अंचल अधिकारी की नियुक्ति नहीं होगी. ऐसे प्रखंडों में बीडीओ ही सीओ के दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे. इस निर्णय का असर जिले के गिद्धौर, कन्हाचट्टी, मयूरहंड, पत्थलगड़ा, लावालौंग और कुंदा प्रखंड पर पड़ेगा.
पचांयतों की संख्या कम होने पर पड़ेगा असर
जानकारी के अनुसार जिले में हंटरगंज प्रखंड में 28 पंचायत, टंडवा में 19, प्रतापपुर में 18, सिमरिया में 17, चतरा में 16 और इटखोरी में 12 पंचायतें हैं. वहीं कन्हाचट्टी और मयूरहंड में 10-10 पंचायत, लावालौंग में आठ, गिद्धौर में छह, पत्थलगड़ा और कुंदा में पांच-पांच पंचायतें हैं. पंचायतों की संख्या कम होने के कारण इन छह प्रखंडों में नई व्यवस्था लागू होगी.

विपक्ष ने की है पुनर्विचार की मांग
इधर, सरकार के इस फैसले पर विपक्षी दलों के नेताओं ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि प्रखंड और अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली अलग-अलग होती है. बीडीओ को अतिरिक्त प्रभार देने से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ राजस्व संबंधी कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं. उनका यह भी कहना है कि पंचायत चुनाव, विधानसभा और लोकसभा चुनाव सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के दौरान एक ही अधिकारी पर दोहरी जिम्मेदारी होने से कार्य निष्पादन में कठिनाई आएगी. विपक्ष ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है.
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