Chaibasa: Ex मुख्यमंत्री (CM) एवं स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन ने सोमवार को अपने विधानसभा क्षेत्र राजनगर के दौरे के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताई. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राज्य की गिरती कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा.
आर्थिक बोझ बढ़ रहा है
दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने विधायक को बताया कि राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले दो माह से विशेषज्ञ सर्जन की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन पूरी तरह बंद हैं. पूर्व में प्रतिनियुक्त सर्जन के निलंबन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब तक किसी नए सर्जन की प्रतिनियुक्ति नहीं की है. इसके कारण गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.

अत्यंत गंभीर विषय
इस पर चंपाई सोरेन ने कहा कि सीएचसी में सिजेरियन समेत अन्य ऑपरेशन सेवाओं का ठप होना अत्यंत गंभीर विषय है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अविलंब विशेषज्ञ सर्जन की प्रतिनियुक्ति करने की मांग करते हुए कहा कि राजनगर आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल क्षेत्र है, जहां अधिकांश लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं. ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का सबसे अधिक असर गरीब परिवारों पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके. चंपाई सोरेन ने यह भी कहा कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में सरायकेला में 100 बेड के क्रिटिकल केयर अस्पताल का निर्माण कराया गया था, लेकिन सरकार अब तक उसे चालू नहीं करा सकी है. इससे जिले के गंभीर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
सरकार हर मोर्चे पर विफल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली कमजोर हो गई है और दो-दो वर्ष पहले स्वीकृत योजनाएं भी धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं. उन्होंने वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य की वित्त व्यवस्था चरमरा गई है. कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए चंपाई सोरेन ने कहा कि झारखंड में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उन्होंने जमशेदपुर के बिष्टुपुर में पुलिस की मौजूदगी में हुई हिमांशु हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पुलिस के सामने ही अपराधी हत्या कर फरार हो जाएं तो आम जनता का कानून व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक है. उन्होंने सरकार से राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर प्राथमिकता से काम करने की अपील की.
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