Bokaro: बेरमो स्थित DVC कोनार परियोजना के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर क्षेत्र में हुए चहुंमुखी विकास को रेखांकित करते हुए कोनार के एचओपी सह डीजीएम मैकेनिकल राणा रणजीत सिंह ने कहा कि सीमित संसाधनों से निकलकर आज यह क्षेत्र आधुनिक विकास, सुरक्षा और जनविश्वास का एक जीवंत प्रतीक बन चुका है. वर्ष 2024 से डीवीसी चेयरमैन के निर्देश और उनके नेतृत्व में शुरू हुई विकास यात्रा ने कोनार की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है.
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
वर्तमान में कोनार परियोजना में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है. इसमें 8 मेगावाट का सोलर प्लांट, 228 मेगावाट का फ्लोटिंग पावर प्लांट, 3 मेगावाट का हाइडल प्रोजेक्ट और 100 मेगावाट का प्रस्तावित बैटरी स्टोरेज पावर प्लांट शामिल है. कुल मिलाकर 339 मेगावाट की यह विशाल परियोजना क्षेत्र को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है.

सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक पहचान में बदलाव
डीवीसी कॉलोनी और डैम क्षेत्र को तिरंगे रंग की आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है, जिससे हर रात यहां का दृश्य दिवाली जैसे उत्सव का एहसास कराता है. इसके साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए “आई लव डीवीसी कोनार” सेल्फी पॉइंट का भी भव्य लोकार्पण किया गया है.
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार
एचओपी ने बताया कि स्थानीय विद्यालय को कंप्यूटर लैब, साइंस लैब और स्मार्ट बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है. इसके परिणामस्वरूप क्यूसीआई टीम के सर्वे में विद्यालय को पांचवां और छठा स्थान प्राप्त हुआ है. स्वास्थ्य सेवाओं के तहत सीएसआर विभाग के सहयोग से निशुल्क मोतियाबिंद जांच और सामान्य स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित की जा रही है.


