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बारिश की पहली फुहार और गर्मागर्म पकौड़े: आखिर मानसून में क्यों बढ़ जाती है इनकी डिमांड? जानिए स्वाद, परंपरा और आसान रेसिपी

News Wave Desk : जैसे ही आसमान में काले बादल छाने लगते हैं, ठंडी हवाएं चलने लगती हैं और बारिश की पहली...

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News Wave Desk : जैसे ही आसमान में काले बादल छाने लगते हैं, ठंडी हवाएं चलने लगती हैं और बारिश की पहली बूंदें धरती को भिगोती हैं, वैसे ही हर घर में एक आवाज जरूर सुनाई देती है, आज चाय के साथ पकौड़े बनाओ. भारत में मानसून और पकौड़ों का रिश्ता दशकों पुराना है. यह सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि बारिश के मौसम की पहचान बन चुका है. घरों की रसोई से लेकर सड़क किनारे की चाय की दुकानों तक, हर जगह गर्मागर्म पकौड़ों की खुशबू लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. बारिश का मौसम अपने साथ सुकून लेकर आता है. ऐसे मौसम में गर्म आज चाय के साथ पकौड़े खाने की इच्छा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. चाय की चुस्की और ताजे तले हुए पकौड़ों का स्वाद लोगों को एक अलग ही आनंद देता है. यही कारण है कि मानसून शुरू होते ही बाजारों में बेसन, प्याज, आलू, हरी मिर्च और सरसों के तेल की मांग भी बढ़ जाती है.

क्यों पसंद किए जाते हैं पकौड़े?

विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के दौरान तापमान कम हो जाता है, जिससे शरीर को गर्माहट देने वाले खाद्य पदार्थ अच्छे लगते हैं. गरम पकौड़े शरीर को तुरंत गर्माहट देते हैं और चाय के साथ उनका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. इसके अलावा बारिश के दौरान मिट्टी की सौंधी खुशबू, ठंडी हवा और परिवार के साथ बिताया गया समय लोगों में पुरानी यादें ताजा कर देता है. बचपन में बारिश के दिनों में मां के हाथ के बने पकौड़े और चाय का स्वाद आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है. यही वजह है कि पकौड़े केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि भावनाओं और यादों से जुड़ा स्वाद हैं.

 

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भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह के पकौड़े

भारत की विविधता पकौड़ों में भी देखने को मिलती है. उत्तर भारत में प्याज, आलू और पालक के पकौड़े सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं. झारखंड और बिहार में बैंगन, हरी मिर्च और साग के पकौड़े भी खूब बनाए जाते हैं. राजस्थान में मिर्ची बड़ा और प्याज के पकौड़े लोकप्रिय हैं, जबकि दक्षिण भारत में केले और विभिन्न सब्जियों के पकौड़े भी पसंद किए जाते हैं.

बारिश में पकौड़ों की बढ़ती बिक्री

मानसून के दौरान चाय और नाश्ते की दुकानों पर पकौड़ों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है. शाम होते ही लोग परिवार और दोस्तों के साथ चाय की दुकानों पर पहुंचते हैं और गर्मागर्म पकौड़ों का आनंद लेते हैं. कई दुकानदार बताते हैं कि बारिश के दिनों में उनकी बिक्री सबसे अधिक होती है.

घर पर ऐसे बनाएं स्वादिष्ट प्याज के पकौड़े

 

 

बनाने का सामग्री

  • 2 कप बेसन
  • 2 बड़े प्याज (पतले कटे हुए)
  • 2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
  • थोड़ा हरा धनिया
  • 1 छोटा चम्मच अजवाइन
  • 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • ½ छोटा चम्मच हल्दी
  • चुटकीभर बेकिंग सोडा (वैकल्पिक)
  • स्वादानुसार नमक
  • तलने के लिए सरसों या रिफाइंड तेल

बनाने की विधि

सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन लें. उसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब कटे हुए प्याज और हरा धनिया डालें. थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल बहुत पतला न हो. कढ़ाई में तेल गर्म करें. जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब मिश्रण को हाथ या चम्मच की सहायता से छोटे-छोटे भागों में तेल में डालें. मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. पकौड़ों को निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए. गर्मागर्म पकौड़ों को अदरक वाली चाय, हरी धनिया-पुदीना की चटनी, टमाटर सॉस या इमली की मीठी चटनी के साथ परोसें. ऊपर से थोड़ा चाट मसाला छिड़क दें तो स्वाद और भी बढ़ जाता है.

 

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सेहत का रखें ध्यान

बारिश के मौसम में स्वाद का आनंद जरूर लें, लेकिन संतुलन भी जरूरी है. बार-बार गर्म किए गए तेल का उपयोग न करें. हमेशा ताजा तेल में पकौड़े बनाएं और सीमित मात्रा में ही खाएं. साथ ही, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि मौसम से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके.

मानसून की पहचान बन चुके हैं पकौड़े

भारत में बारिश और पकौड़ों का रिश्ता केवल खाने तक सीमित नहीं है. यह परिवार के साथ बिताए गए खूबसूरत पलों, दोस्तों की महफिल, चाय की चुस्कियों और मौसम के आनंद का प्रतीक बन चुका है. इसलिए हर साल मानसून की पहली बारिश के साथ ही लोगों के घरों और बाजारों में पकौड़ों की महक फैल जाती है. चाहे गांव हो या शहर, बारिश का मौसम गर्मागर्म पकौड़ों और चाय के बिना अधूरा माना जाता है.

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