Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने एक अहम मामले में राज्य सरकार के कैबिनेट सचिव को कड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज करने की अनुमति दी जाए. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में अनुमति नहीं दी गई, तो वह इस मामले को गंभीरता से देखेगा.
देरी पर जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि लंबे समय से PE दर्ज करने की अनुमति लंबित है, जबकि जांच आगे बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है. अदालत ने राज्य सरकार को देरी पर जवाबदेह ठहराते हुए स्पष्ट समयसीमा तय की.

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एक सप्ताह का समय
हाई कोर्ट ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर अनुमति नहीं दी जाती है, तो अगली सुनवाई में इस पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा.
प्रशासनिक देरी पर चिंता
यह आदेश उस मामले में आया है, जिसमें प्रारंभिक जांच शुरू करने के लिए सरकार से स्वीकृति मांगी गई थी, लेकिन लंबे समय तक निर्णय नहीं लिया गया. कोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी पर भी चिंता जताई.


