Chaibasa : कोल्हान प्रमंडल में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सलियों की कमर टूट चुकी है और उनकी स्थिति बेहद कमजोर हो गई है. इसी दौरान ने शुक्रवार को DGP तदाशा मिश्रा एक दिवसीय दौरे पर चाईबासा पहुंचीं. उन्होंने जिला समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में कोल्हान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल विरोधी अभियानों (एंटी-नक्सल ऑपरेशन्स) को लेकर एक महत्वपूर्ण व उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. कई घंटों तक चली इस बैठक में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा रणनीति पर गंभीर मंथन किया गया.
डीजीपी का भव्य स्वागत और बैठक में शामिल अधिकारी
चाईबासा पहुंचने पर डीजीपी तदाशा मिश्रा का कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, डीसी मनीष कुमार और एसपी अमित रेणु ने स्वागत किया. इसके बाद आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सीआरपीएफ के वरीय अधिकारी, डीएसपी और अन्य संबंधित विंग के आला पदाधिकारी शामिल हुए.

तीनों जिलों की सुरक्षा और नक्सली रणनीति की समीक्षा
जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान डीजीपी ने कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में नक्सलियों की मौजूदा सक्रियता, उनकी छिपने की रणनीति और सुरक्षा बलों की तैनाती की बिंदुवार विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि सुरक्षा बलों के दबाव के कारण नक्सली अब बैकफुट पर हैं, लेकिन उन्होंने किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए.
डीजीपी के प्रमुख निर्देश, सूचना तंत्र और संयुक्त अभियान पर जोर
बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए पड़ोसी राज्यों और जिलों की सीमाओं से सटे इलाकों में चौसी कढ़ी करने तथा इंटेलिजेंस को और अधिक मजबूत करने को कहा गया.


