हजारीबाग: उजड़े फुटपाथ दुकानदारों से मिले सांसद मनीष जायसवाल, पुनर्वास का दिलाया भरोसा 

Hazaribagh: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मांडू विधानसभा अंतर्गत विष्णुगढ़ हॉस्पिटल चौक पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रभावित हुए फुटपाथ दुकानदारों...

फुटपाथ दुकानदारों
हजारीबाग: उजड़े फुटपाथ दुकानदारों से मिले सांसद मनीष जायसवाल

Hazaribagh: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मांडू विधानसभा अंतर्गत विष्णुगढ़ हॉस्पिटल चौक पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रभावित हुए फुटपाथ दुकानदारों से सोमवार को सांसद मनीष जायसवाल ने मुलाकात की. उन्होंने दुकानदारों की समस्याएं सुनीं, टूटे हुए दुकानों का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी ली. दुकानदारों ने सांसद को आवेदन सौंपकर बताया कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से हॉस्पिटल चौक पर छोटी-छोटी दुकानें लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. लेकिन 11 जुलाई 2026 को प्रशासन द्वारा दुकानों को हटा दिया गया, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है.

 स्थायी दुकान आवंटन की मांग 

प्रभावित दुकानदारों ने मांग की कि जिस तरह प्रखंड मुख्यालय परिसर में कुछ लोगों के लिए दुकानें उपलब्ध कराई गई हैं, उसी तरह उन्हें भी स्थायी रूप से दुकानें आवंटित की जाएं. उन्होंने हॉस्पिटल की दीवार से सटे क्षेत्र, +2 उच्च विद्यालय की दीवार के किनारे या प्रखंड मुख्यालय परिसर में दुकानें विकसित करने का सुझाव दिया. दुकानदारों ने कहा कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान करने को तैयार हैं, ताकि उससे विष्णुगढ़ के विकास और स्वच्छता कार्यों में सहयोग मिल सके.

रोजगार बचाने के लिए संवेदनशील समाधान जरूरी: सांसद

सांसद मनीष जायसवाल ने दुकानदारों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि विकास कार्यों के साथ गरीब और मेहनतकश लोगों की आजीविका की सुरक्षा भी जरूरी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुनर्वास की मांग को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा.

मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि विष्णुगढ़ हॉस्पिटल चौक की समस्या के दो प्रमुख कारण हैं. पहला, जाम की समस्या और दूसरा, पार्किंग व्यवस्था का अभाव. उन्होंने कहा कि अस्पताल क्षेत्र होने के कारण यहां मरीजों और चिकित्सकों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन उचित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ती है. सांसद ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का रोजगार छीनने से पहले उसके पुनर्वास की व्यवस्था करना सरकार और प्रशासन का नैतिक दायित्व है. उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी भी हो, तो पहले वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि स्थानीय दुकानदारों के अनुसार प्रशासन से बातचीत चल रही थी और वे खुद पीछे हटने को तैयार थे. इसके बावजूद जिस तरह कार्रवाई हुई, उस पर सवाल खड़े होते हैं. इस मामले को लेकर वह जल्द ही हजारीबाग उपायुक्त से मुलाकात कर स्थायी और न्यायसंगत समाधान की मांग करेंगे.

“किसी की गलती की सजा दूसरे को नहीं मिलनी चाहिए”

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि वह यह नहीं कह रहे कि कौन सही है और कौन गलत, लेकिन किसी भी कार्रवाई में मानवीय दृष्टिकोण जरूरी है. उन्होंने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि वे दोबारा अपना व्यवसाय शुरू करें और जरूरत पड़ने पर वह हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे. मौके पर कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, सांसद प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे.

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