NewsWave Desk : डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में जहां एक-एक पैसे का हिसाब सर्वर रखता है. वहीं बिहार के बेतिया में एक ऐसी तकनीकी विसंगति सामने आई जिसने विपन्नता और अकूत संपत्ति के बीच के फासले को कुछ पलों के लिए पूरी तरह मिटा दिया.1,100 की सरकारी पेंशन निकालने पहुंचे एक बेहद गरीब मजदूर परिवार के सामने जब अचानक 759 करोड़ से अधिक का बैंक बैलेंस चमका, तो यह केवल एक सनसनीखेज खबर नहीं रही. इसने ग्रामीण इलाकों में काम कर रही डिजिटल बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और उसकी तकनीकी विश्वसनीयता पर एक बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है.
पेंशन के ग्यारह सौ और खाते में साढ़े सात अरब
यह हैरान करने वाला मामला बेतिया जिले के नरकटियागंज अंतर्गत सीतापुर गांव की है. दैनिक मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले बुजुर्ग बदरी देवान अपनी पत्नी के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा के एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पर वृद्धा पेंशन की राशि लेने पहुंचे थे. बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए 1,100 की निकासी तो हो गई, लेकिन इसके ठीक बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर जो आंकड़ा नजर आया, उसने संचालक समेत पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया. स्क्रीन पर कुल बैलेंस 7,59,69,51,951 रुपए दिख रहा था.
तकनीकी खामी या व्यवस्थागत लापरवाही
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बैंक प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए खाते को तुरंत फ्रीज कर दिया गया. गौरतलब है कि बिहार में यह कोई इकलौती घटना नहीं है. हाल ही में मुजफ्फरपुर, गया और वैशाली जिलों में भी इसी तरह सर्वर एरर के कारण बुजुर्गों और आम उपभोक्ताओं के खातों में अरबों रुपये प्रदर्शित होने के मामले सामने आए हैं.
ALSO READ : हरमू नदी सौंदर्यीकरण मामला : JUIDCO को HC से झटका, 60 दिनों में बकाया भुगतान और 10 फीसदी ब्याज देने का आदेश
