News Wave Desk : सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आस्था के लिए बेहद खास माना जाता है. सावन शुरू होते ही देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है. श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर शिवलिंग पर जल, गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाते हैं. वहीं, बड़ी संख्या में भक्त कांवड़ लेकर पैदल यात्रा करते हैं और रास्ते भर बोल बम और हर हर महादेव के जयकारे लगाते हुए शिवधाम पहुंचते हैं.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि इस महीने भोलेनाथ की पूजा करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है.
समुद्र मंथन से जुड़ी है जल चढ़ाने की मान्यता
पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला तो पूरी सृष्टि संकट में पड़ गई. संसार की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया. विष के प्रभाव से भगवान शिव का कंठ गर्म हो गया था. इसके बाद देवताओं और भक्तों ने भगवान शिव पर जल चढ़ाया. इसी धार्मिक मान्यता के कारण सावन में शिवलिंग पर जल और गंगाजल चढ़ाने की परंपरा को विशेष महत्व दिया जाता है. भक्तों का विश्वास है कि जल अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं.

कांवड़ लेकर शिवधाम क्यों जाते हैं भक्त?
कांवड़ यात्रा को भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. कांवड़िया पवित्र नदियों से गंगाजल भरकर उसे कांवड़ में लेकर पैदल शिव मंदिर या शिवधाम तक जाते हैं. इसके बाद उस गंगाजल को भगवान शिव को अर्पित किया जाता है. कई श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं. कठिन यात्रा, थकान और परेशानियों के बावजूद भक्त भगवान शिव की भक्ति में आगे बढ़ते रहते हैं. यही कारण है कि कांवड़ यात्रा को केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति और तपस्या का मार्ग भी माना जाता है.
बोल बम का क्या है महत्व?
कांवड़ यात्रा के दौरान भक्त लगातार बोल बम का जयकारा लगाते हैं. यह भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का जयघोष है. कांवड़िए एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाने और यात्रा के दौरान भक्ति का माहौल बनाए रखने के लिए बोल बम और हर हर महादेव के नारे लगाते हैं.सावन का महीना भगवान शिव के प्रति भक्तों की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता है. कोई शिवलिंग पर जल चढ़ाकर भोलेनाथ की पूजा करता है तो कोई कांवड़ लेकर कठिन पैदल यात्रा करता है. भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई शिव भक्ति से भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं. यही वजह है कि सावन के महीने में हर तरफ बोल बम और हर हर महादेव के जयकारे गूंजते हैं और पूरा माहौल शिवमय हो जाता है.

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