ISRO का बड़ा फैसला, गगनयान और चंद्रयान-4 के लिए वैज्ञानिकों के इस्तीफे और VRS पर रोक

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NewsWave Desk : भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों को समय पर पूरा करने और प्रतिभाओं के पलायन को रोकने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है. इसरो ने अपने वैज्ञानिकों और तकनीकी स्टाफ के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति VRS और इस्तीफों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. अंतरिक्ष एजेंसी का यह फैसला आगामी गगनयान और चंद्रयान-4 जैसे हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट्स की संवेदनशीलता और देश की साख को देखते हुए लिया गया है, ताकि मिशन के क्रिटिकल फेज में कोई मैनपावर संकट न खड़ा हो.

प्रतिभाओं को रोकने का मास्टरस्ट्रोक

इसरो के इस कड़े रुख के पीछे का मुख्य एंगल अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती निजी प्रतिस्पर्धा और विदेशी एजेंसियों द्वारा भारतीय वैज्ञानिकों को लुभाना है. पिछले कुछ समय से इसरो के कई अनुभवी वैज्ञानिक निजी स्पेस कंपनियों का रुख कर रहे थे. इसरो प्रबंधन का मानना है कि गगनयान और चंद्रयान-4 जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मिशनों के मुहाने पर खड़े होकर किसी भी प्रमुख वैज्ञानिक या इंजीनियर का बीच रास्ते में टीम छोड़ना प्रोजेक्ट्स को सालों पीछे धकेल सकता है. इसलिए, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैज्ञानिक निरंतरता को सर्वोपरि रखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है.

प्रोजेक्ट्स की समयसीमा और गोपनीयता से समझौता नहीं

• विशेष परिस्थितियों (जैसे गंभीर चिकित्सा कारण) को छोड़कर किसी भी वैज्ञानिक का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा.
• वीआरएस VRS के आवेदनों को अगले आदेश तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.

 

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