News Wave Desk: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि आस्था के नाम पर हुई इस महालूट में जवाबदेही सिर्फ चोरों की नहीं, बल्कि उन चेहरों की भी होगी जिनकी निगरानी में यह पूरा खेल चलता रहा.
सुप्रीम कोर्ट ने SIT टीम से जांच रिपोर्ट मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी कर दिया है. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) से अब तक की प्रगति और स्टेटस रिपोर्ट तलब की है. अदालत ने साफ संकेत दिए हैं कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था के इस केंद्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. याचिकाकर्ताओं की ओर से स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट और CBI जांच की मांग ने इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, 40 दिनों के भीतर दान गणना कक्ष में 70 बार चोरी की वारदातों को अंजाम दिया गया.
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