रांची: झारखंड हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में अधिवक्ता महेश तिवारी के साथ हुई नोकझोंक के बाद शुरू की गई अवमानना की कार्यवाही को हाईकोर्ट ने ड्रॉप कर दिया है. अदालत ने अधिवक्ता को भविष्य में इस प्रकार की हरकत नहीं करने की सख्त हिदायत देते हुए अवमानना की कार्रवाई समाप्त कर दी.

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में पूर्ण पीठ ने की सुनवाई. फैसला रखा गया था सुरक्षित
इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता में पांच जजों की पूर्ण पीठ ने की. पूर्ण पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद, जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय, जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस राजेश शंकर शामिल थे. पिछली सुनवाई के दौरान पूर्ण पीठ ने अधिवक्ता महेश तिवारी का पक्ष सुनने के बाद अवमानना याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब अदालत ने चेतावनी के साथ इस कार्यवाही को समाप्त कर दिया है.

