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रांची: क्षत्रिय गौरव एकता समागम’ में उमड़ा जनसैलाब, समाज की एकजुटता और हक के लिए भरी हुंकार

रांची: राजधानी के धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा मैदान में रविवार को क्षत्रिय गौरव एकता मंच, झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में भव्य ‘क्षत्रिय...

रांची: राजधानी के धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा मैदान में रविवार को क्षत्रिय गौरव एकता मंच, झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में भव्य ‘क्षत्रिय गौरव एकता समागम का आयोजन किया गया. इस महासम्मेलन में झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में समाज के लोग जुटे, जिससे मैदान केसरिया उत्साह से सराबोर नजर आया.

दिग्गजों का जमावड़ा, राजनीति और समाज के बड़े चेहरे शामिल:

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह उपस्थित रहे. मंच पर उनकी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में भारी जोश भर दिया. उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में लवली आनंद सांसद, शिवहर (बिहार), अवधेश नारायण सिंह: सभापति, बिहार विधान परिषद, पशुपतिनाथ सिंह: पूर्व सांसद, गिरिनाथ सिंह: पूर्व मंत्री, सुनील सिंह: पूर्व सांसद, प्रवीण कुमार सिंह: पूर्व एमएलसी, संजीव सिंह: नवनिर्वाचित मेयर, धनबाद शामिल थे.

समाज की एकजुटता पर बल:

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्षत्रिय समाज को संगठित करना और वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में समाज की भूमिका तय करना था. बृजभूषण सिंह ने अपने संबोधन में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समाज बिखरा रहा, तो हमारे अधिकार और पहचान दोनों कमजोर पड़ जाएंगे. आज के समय की सबसे बड़ी मांग है कि हम आपसी मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आएं. वहीं पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज का इतिहास बलिदान और देश सेवा का रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी संख्या में नहीं, बल्कि उसकी एकता में निहित होती है.

भविष्य की रणनीति और सम्मान समारोह:

समागम के दौरान न केवल भाषण हुए, बल्कि समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. मंच से वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. क्षत्रिय गौरव एकता मंच के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक अभियान की शुरुआत है. आने वाले समय में झारखंड के अन्य जिलों में भी इसी तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

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