Protests erupted during the Bihar bandh: बिहार बंद के समर्थन में शनिवार को समस्तीपुर जिला मुख्यालय के अलावा ताजपुर में आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर प्रखंड चौक स्थित एनएच-122 को कुछ देर के लिए जाम कर दिया. इससे आवागमन प्रभावित रहा. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराना ‘बिहार बंद’ का बड़ा उद्देश्य था. दोपहर बाद करीब तीन बजे तक प्रदर्शनकारियों के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर वायरल हो गई. इसके बाद प्रदर्शन की गति कम गई और प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह अपनी जीत का जश्न भी मनाया. सारण जिले में छपरा नगर निगम क्षेत्र के नगरपालिका चौक, साहेबगंज, थाना चौक, डाक बंगला रोड, सदर अस्पताल चौक, दारोगा राय चौक, भरत मिलाप चौक, भगवान बाजार रोड पर प्रदर्शन सबसे अधिक उग्र रहा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें दोनों ओर से पथराव की घटना सामने आई है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस के एक वाहन में आग लगा दी, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया. आगजनी के बाद पूरे शहर में तनाव व्याप्त हो गया और सुरक्षा की दृष्टि से कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं.
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एसपी पर हमला, पैर में लगी चोट
प्रदर्शनकारियों ने बिहार बंद के दौरान राज्य में कई जगहों पर पुलिस को निशाना बनाया, लेकिन सीतामढ़ी में एसपी अमित रंजन पर ही हमला कर दिया. प्रदर्शनकारियों के हमले में एसपी अमित रंजन को पैर में चोट लगी है.
पटना में हंगामा, लाठीचार्ज
राजधानी पटना में गांधी मैदान से डाक बंगला चौराहे के बीच फिर हंगामा हुआ. पहले तो कुछ घंटे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लुकाछिपी के बीच तनाव का माहौल बना रहा. पुलिस खदेड़ती रही और समूहों में भीड़ अलग-अलग तरफ भागती रही. फिर जब भीड़ ने ताकत दिखाने के लिए रोड़ेबाजी करते हुए पुलिस को निशाना बनाया तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग गिराने वाले प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं. दोनों तरफ घायल हुए हैं. कई पुलिसकर्मी भी घायल हैं. कई प्रदर्शनकारियों को पीटने के बाद हिरासत में लिया गया.
पूर्णिया में रोड़ेबाजी, कई वाहन क्षतिग्रस्त
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के पहले इसी मांग को लेकर पूर्णिया में बिहार बंद के दौरान हिंसक झड़पें चलती रहीं. पुलिस पर लगातार रोड़ेबाजी होती रही. बाद में पुलिस ने भी रोड़ेबाज प्रदर्शनकारियों को रोड़े से ही जवाब देना शुरू किया. इस दौरान आम जनजीवन अस्तव्यस्त रहा. कई वाहन क्षतिग्रस्त हैं.
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भागलपुर में पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त
भागलपुर में प्रदर्शनकारियों के तिलकामांझी पहुंचते ही माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों और वज्र वाहन (दंगा नियंत्रण वाहन) पर पथराव कर दिया. इस घटना में पुलिस की दो से तीन गाड़ियों को आंशिक क्षति पहुंचने की जानकारी सामने आई है. इलाके में पत्थरबाजी में कई के घायल होने की सूचना है.
