Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों के लंबे संघर्ष की जीत है. लगातार सामने आए परीक्षा घोटालों, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था और छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ ने अंततः केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया. कांग्रेस के द्वारा आंदोलनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने पद से इस्तीफा दिया. सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही यह मांग करती रही कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ें. देश भर में बार-बार पेपर लीक होने से लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में चला गया, लेकिन केंद्र सरकार लंबे समय तक अपने मंत्री को बचाने में लगी रही. यदि सरकार समय रहते जवाबदेही तय करती तो देश के युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता.
भाजपा सरकार की विफल शिक्षा नीति
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भाजपा सरकार की विफल शिक्षा नीति और उसकी जवाबदेही से बचने की राजनीति की स्वीकारोक्ति है. केवल मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है. पूरे परीक्षा तंत्र की निष्पक्ष जांच हो, पेपर लीक के मास्टरमाइंड, शिक्षा माफिया और उनके राजनीतिक संरक्षणकर्ताओं पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए. भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार के सपने दिखाए, लेकिन उन्हें बेरोजगारी, पेपर लीक और अनिश्चित भविष्य दिया. आज देश का युवा जवाब मांग रहा है और भाजपा के पास कोई उत्तर नहीं है.
छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी. केंद्र सरकार को अब केवल चेहरा बदलने की राजनीति छोड़कर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देश के युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज़ की ताकत का प्रमाण है. भाजपा सरकार को इस जनादेश को समझना चाहिए और युवाओं के साथ न्याय करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
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