Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जिला स्तर पर ई-विद्यावाहिनी के अंतर्गत सीआरपी एवं बीआरपी के लिए क्षमता निर्माण, साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान तथा स्पॉट असेसमेंट विषयों पर प्रशिक्षण का आयोजन तीन केंद्रों पर किया गया.
प्रशिक्षण के लिए जिले में तीन प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए थे. पहला केंद्र गोइलकेरा में आयोजित किया गया, जहां पांच प्रखंडों से कुल 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया. दूसरा केंद्र हाटगम्हरिया में आयोजित हुआ, जिसमें नौ प्रखंडों के 38 प्रतिभागी शामिल हुए. तीसरा केंद्र सदर, चाईबासा में आयोजित किया गया, जहां चार प्रखंडों से 40 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया.
प्रशिक्षण का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सीआरपी एवं बीआरपी को ई-विद्यावाहिनी के प्रभावी अनुश्रवण, साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के सुदृढ़ीकरण तथा स्पॉट असेसमेंट की प्रक्रिया के संबंध में दक्ष बनाना था, ताकि विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके.
मास्टर ट्रेनरों ने दी विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में संजय जारिका (शिक्षक), नकुल कुमार सिंह (जिला शैक्षणिक समन्वयक, पश्चिमी सिंहभूम), आशीष कुमार (जेईपीसी, रांची) एवं प्रियंका कुमारी (जेईपीसी, रांची) ने प्रशिक्षण प्रदान किया.
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ई-विद्यावाहिनी के विभिन्न पहलुओं, अनुश्रवण की प्रक्रिया, साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के मूल्यांकन तथा स्पॉट असेसमेंट के व्यावहारिक पक्षों की विस्तृत जानकारी दी गई. सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं प्रभावी बताते हुए इसे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
