Deoghar: सावन 2026 की शुरुआत के साथ ही झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. भक्तों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने नई गाइडलाइन जारी की है.

सुबह से रात तक होंगे दर्शन
सामान्य श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट तड़के खोल दिए जाते हैं और रात तक दर्शन की व्यवस्था रहती है. हालांकि विशेष पूजा, साफ-सफाई और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान कुछ समय के लिए दर्शन रोके जा सकते हैं. लंबी कतार से बचने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शीघ्र दर्शन पास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. निर्धारित समय स्लॉट के अनुसार श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे.
कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था
श्रावणी मेले के दौरान कांवड़ियों के लिए अलग रूट, क्यू कॉम्प्लेक्स, पेयजल, विश्राम शेड और चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की गई है. भीड़ नियंत्रण के लिए श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से ही मंदिर परिसर में प्रवेश कराया जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी सख्त

मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है. प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी.
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी निर्देश
- दर्शन के दौरान वैध पहचान पत्र साथ रखें.
- भारी बैग, प्रतिबंधित सामान और अनावश्यक वस्तुएं मंदिर परिसर में न ले जाएं.
- प्रशासन द्वारा निर्धारित कतार और मार्ग का पालन करें.
- भीड़ के दौरान धैर्य और अनुशासन बनाए रखें.
- किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
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तकनीक से आसान होगा दर्शन

इस बार श्रावणी मेले में भीड़ प्रबंधन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है. साथ ही आउट-ऑफ-टर्न, वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर रोक लगाई गई है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिल सके.
