Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में सामने आई गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है. आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से पूछताछ के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम और सीआईडी (CID) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। समन मिलने के बाद पूर्व अध्यक्ष बुधवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ के लिए रांची स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे. इससे पहले मंगलवार (28 जुलाई) को भी उनसे सीआईडी कार्यालय में करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई थी. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को हुई गहन पूछताछ के दौरान उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है, हालांकि इस संबंध में सीआईडी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
SIT के तीखे, ब्लैकलिस्टेड कंपनी और अधिकारियों की भूमिका पर घेरा
– मंगलवार को हुई पूछताछ में एसआईटी ने एल. खियांग्ते के समक्ष कई गंभीर सवाल रखे और उनके कार्यकाल में हुए फैसलों की पड़ताल की.
– सूत्रों के अनुसार, पूछताछ मुख्य रूप से परीक्षा प्रक्रिया में एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल को शामिल करने में पूर्व अध्यक्ष की क्या भूमिका थी और इसे किस आधार पर मंजूरी दी गई?
– गड़बड़ी के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर जो वर्तमान में खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं अभय तिवारी से उनके क्या और कैसे संबंध थे?
– तबादला आदेश जारी होने के बावजूद उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता इतने लंबे समय तक जेपीएससी में कैसे बनी रहीं और उन्हें किसके संरक्षण में पद पर बनाए रखा गया?
6 अगस्त से पहले नए अध्यक्ष या प्रभारी की नियुक्ति संभव
एल. खियांग्ते द्वारा 21 जुलाई 2026 को अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद से जेपीएससी अध्यक्ष का पद पूरी तरह से रिक्त पड़ा हुआ है. नियमनुसार, अध्यक्ष की अनुपस्थिति में आयोग न तो कोई नई परीक्षा आयोजित कर सकता है और न ही लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी कर सकता है इससे राज्य के लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। हालांकि, आयोग के कामकाज को पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार स्तर पर तेजी से मंथन चल रहा है. राज्य विधानसभा का मॉनसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होने जा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि सत्र शुरू होने से पहले आयोग को नया अध्यक्ष मिल सकता है या किसी वरिष्ठ अधिकारी को इसका अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है.
